झुलसती दिल्ली और धूलभरी आंधियां; कुदरत के इस प्रचंड रूप के आगे बेबस हुई राजधानी।
राजधानी में धूलभरी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है और 28 अप्रैल के बाद ही राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

भीषण गर्मी और लू के चलते दिल्ली में महिलाएं अपने चेहरे को कपड़े से ढककर धूलभरी हवाओं से बचाव करती हुईं।
दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप: 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचा पारा, धूलभरी हवाओं का अलर्ट जारी
देश की राजधानी दिल्ली इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की चपेट में है। अप्रैल के महीने में ही मौसम के तेवर इतने तल्ख हो गए हैं कि लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। आज, 27 अप्रैल 2026 को दिल्ली के अधिकांश इलाकों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो सामान्य से कई डिग्री अधिक है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 'लू' यानी हीटवेव की स्थिति बनी हुई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सुबह के दस बजते ही सूरज की किरणें आग उगलने लगती हैं और दोपहर होते-होते गर्म हवाओं के थपेड़े सड़कों पर सन्नाटा पसरने का कारण बन रहे हैं। मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष रूप से धूलभरी हवाओं और उमस भरे मौसम का अलर्ट जारी किया है। राजधानी के पालम, सफदरजंग और मुंगेशपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में तापमान के 45 डिग्री के आंकड़े को छूने की प्रबल संभावना जताई गई है। वातावरण में छाई धुंध और धूल की वजह से दृश्यता पर भी असर पड़ रहा है, वहीं उमस ने बेचैनी को और अधिक बढ़ा दिया है।
प्रशासनिक स्तर पर इस भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बिजली की मांग में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है, क्योंकि एयर कंडीशनर और कूलरों का इस्तेमाल चरम पर है।
राहत की बात केवल इतनी है कि मौसम वैज्ञानिकों ने 28 अप्रैल के बाद मौसम में आंशिक बदलाव के संकेत दिए हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण हल्की बूंदाबांदी या बादलों की आवाजाही हो सकती है, जिससे तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। हालांकि, तब तक दिल्लीवासियों को इस भीषण तपिश और धूलभरी आंधियों का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के उन गंभीर संकेतों की ओर भी इशारा करती है, जहां हर साल गर्मी अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़ रही है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
