राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, जो लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। लगातार दो दिनों तक हुई भीषण बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली की हवा में अभूतपूर्व सुधार देखा गया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 48 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे स्वच्छ हवा का रिकॉर्ड है। यह सुधार न केवल दिल्ली के निवासियों के लिए सुखद है, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

गुरुवार सुबह 10 बजे दिल्ली का AQI 50 के स्तर पर था, जो समय बीतने के साथ और अधिक सुधरता गया और शाम 4 बजे तक यह और नीचे आ गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक में 50 या उससे कम के स्तर को 'अच्छी' श्रेणी में रखा जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए अनुकूल माना जाता है। इससे पहले, 10 सितंबर 2023 को दिल्ली का AQI 50 के नीचे दर्ज किया गया था, जिसके बाद अब जाकर राजधानी को इतनी शुद्ध हवा मिली है।

इस वायु सुधार का प्रभाव केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एनसीआर के अन्य शहरों में भी इसका असर देखने को मिला। गुरुवार को गाजियाबाद का AQI 50, ग्रेटर नोएडा का 30 और नोएडा का AQI 45 दर्ज किया गया, जबकि फरीदाबाद का AQI 108 और गुरुग्राम का 110 रहा। यह स्थिति देश के अन्य बड़े शहरों के मुकाबले भी काफी बेहतर रही। तुलनात्मक रूप से देखें तो गुरुवार को कोलकाता का AQI 63, बेंगलुरु का 59, मुंबई का 73 और चेन्नई का 76 दर्ज किया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता इन प्रमुख महानगरों से कहीं अधिक स्वच्छ रही।

दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता का स्तर काफी उत्साहजनक रहा। अलीपुर, आया नगर, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, मैदानगढ़ी, जेएनयू, नेहरू नगर और ओखला फेज-2 जैसे इलाकों में AQI 25 से 29 के बीच दर्ज किया गया, जो अत्यंत स्वच्छ श्रेणी के अंतर्गत आता है। अमूमन दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में बने रहने वाली दिल्ली, इस बार IQAir की रैंकिंग में भी बेहतर प्रदर्शन करती दिखाई दी। गुरुवार शाम 5 बजे तक दिल्ली दुनिया के टॉप 50 प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर हो गई और 53वें स्थान पर पहुंच गई। इस सुधार के चलते दिल्ली की हवा शिकागो, बैंकॉक, लंदन, सिंगापुर, दुबई और बीजिंग जैसे वैश्विक शहरों की तुलना में अधिक शुद्ध दर्ज की गई।

यह मौसमी बदलाव स्पष्ट करता है कि वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में अनुकूल मौसम और बारिश की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। हालांकि यह स्थिति अस्थायी हो सकती है, लेकिन तीन साल के अंतराल पर वायु गुणवत्ता का यह स्तर दिल्ली के लिए एक सकारात्मक संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण कम करने के प्रयासों के साथ-साथ प्राकृतिक कारकों का सहयोग दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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