बंगाल की खाड़ी से उठे डीप डिप्रेशन का तांडव: ओडिशा-आंध्र प्रदेश में आफत की बारिश, 25 राज्यों में हाई अलर्ट जारी
बंगाल की खाड़ी से उठा गहरा अवदाब ओडिशा और आंध्र प्रदेश तट पार कर चुका है, जिसके असर से 25 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बंगाल की खाड़ी से उठे गहरे अवदाब के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत देश के 25 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है।
देशभर के मौसम में एक बार फिर से बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी से उठा एक गहरा अवदाब यानी डीप डिप्रेशन अब उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के ऊपर पहुंच चुका है। इस मौसमी हलचल के कारण देश के बड़े हिस्से में बारिश का नया और तेज दौर शुरू होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 सितंबर तक कहीं हल्की तो कहीं बेहद भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
बंगाल की खाड़ी में बना यह शक्तिशाली डीप डिप्रेशन 23 सितंबर की रात 11 बजे से 24 सितंबर की रात 1 बजे के बीच कलिंगपट्टनम के पास उत्तर आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया था। इस चक्रवातीय और गहरे अवदाब के तट से टकराने के बाद दोनों ही पड़ोसी राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है और लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के कलिंगपट्टनम और उसके आसपास के इलाकों में करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चली हैं, जिससे जनजीवन पर काफी असर पड़ा है। इसके अलावा, विजयवाड़ा शहर के निचले हिस्सों में भारी बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे आम नागरिकों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। मौसम विभाग की चेतावनी में साफ किया गया है कि बारिश की यह तीव्रता अभी और बढ़ सकती है तथा अगले दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान जताया गया है।
इस भीषण मौसमी प्रणाली का सबसे अधिक और खतरनाक असर ओडिशा और उसके आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने 24 सितंबर को ओडिशा के कुछ चुनिंदा स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी, और 25 सितंबर को भी राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की पूरी आशंका है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान पूरे ओडिशा राज्य में औसतन 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। राज्य के कोरापुट जिले के सेमिलीगुड़ा इलाके में सबसे अधिक 193.9 मिलीमीटर की भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिसने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने गुरुवार को नबरंगपुर जिले के लिए विशेष तौर पर रेड अलर्ट जारी किया है, जहां 20 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन सभी जिलों में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और निचले इलाकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
ओडिशा के साथ-साथ आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश और तेज रफ्तार हवाओं का डबल अटैक देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग की भविष्यवाणियों के अनुसार तटीय आंध्र प्रदेश और यनम क्षेत्र में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक के रफ्तार के झोंकों में तब्दील हो सकती हैं। इन हवाओं के साथ हो रही भारी बारिश ने तटीय इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
पूर्वी भारत के अन्य राज्यों जैसे झारखंड और बिहार पर भी इस डीप डिप्रेशन का गहरा प्रभाव पड़ने वाला है। IMD की रिपोर्ट के मुताबिक 24 से 26 सितंबर के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में गरज और चमक के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। झारखंड में 24 सितंबर को कुछेक स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि 25 सितंबर को भी राज्य में भारी बारिश का अनुमान लगातार बना हुआ है। विशेष रूप से 24 सितंबर की शाम से लेकर 25 सितंबर की शाम तक रांची, सिमडेगा, गुमला और लोहरदगा समेत दक्षिण-पश्चिम झारखंड के कई इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो झटकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। बिहार में भी 24 सितंबर को बहुत भारी और उसके बाद 25 से 26 सितंबर के दौरान कुछ चुनिंदा जगहों पर भारी बारिश होने के आसार हैं।
उत्तर प्रदेश में भी इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है और प्रदेश में 27 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर चलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 26 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ कई स्थानों पर बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में 24 और 27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है, जबकि 25 और 26 सितंबर को कुछ खास जगहों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है और इस पूरे दौर में पूरे प्रदेशभर में तेज हवाएं चलने की भी पूरी संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में भी इस चक्रवातीय असर के कारण मौसम के तेवर तल्ख होने लगे हैं और बारिश का दौर काफी तेज होने की संभावना है। उत्तराखंड राज्य में 25 और 28 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है, लेकिन सबसे अहम और गंभीर चेतावनी 26 सितंबर के लिए जारी की गई है। इस खास दिन उत्तराखंड के कुछ चुनिंदा स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है, जिसके बाद 27 सितंबर को भी कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में भी 26 और 28 सितंबर को भारी बारिश तथा 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
मध्य भारत के राज्यों जैसे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ के क्षेत्रों पर भी इस व्यापक मौसम बदलाव का साफ असर दिखाई दे रहा है। छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान 24 और 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है और हवा के झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार छू सकते हैं। मध्य प्रदेश की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी बादलों के बरसने का सिलसिला लगातार जारी रहने वाला है और वहां भी मौसम के तेवर कड़े बने रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है। विशेष तौर पर असम और मेघालय में 24 से 28 सितंबर तक कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है, और कुछ चुनिंदा जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी इस मौसमी सिस्टम का प्रभाव 24 से 30 सितंबर तक लगातार बना रहेगा। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश सहित देश के पश्चिमी और दक्षिणी छोर के तमाम राज्यों में बारिश का अनुमान जताया गया है। विशेष रूप से तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना देखी गई है, जबकि केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी गरज और बिजली की चमक के साथ बारिश होने की पूरी उम्मीद है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने देश के इन तमाम प्रभावित राज्यों में आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पूरी सतर्कता बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
