दक्षिण भारत में कमजोर पड़ा मॉनसून, केरल-कर्नाटक समेत कई राज्यों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान|
दक्षिण भारत में मॉनसून के कमजोर रहने का अनुमान है, जिससे आगामी कुछ दिनों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्र में छाए बादलों के बीच रास्ते पर छाता लेकर चलते हुए एक स्थानीय व्यक्ति।
दक्षिण भारत में मॉनसून के मिजाज ने एक बार फिर नया रुख अपनाया है, जिससे इस क्षेत्र के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिण भारत में इस बार मॉनसून कमजोर स्थिति में बना हुआ है, जिसके कारण आने वाले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां सामान्य से काफी कम रहने का अनुमान जताया गया है। मॉनसून की इस सुस्ती के चलते दक्षिणी प्रायद्वीप के कई राज्यों में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन झमाझम बारिश न होने से एक बार फिर उमस और गर्मी का असर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में वायुमंडलीय परिस्थितियां और मानसूनी हवाओं का रुख उस प्रकार से अनुकूल नहीं है जो दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर बनाए रख सके। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे प्रमुख दक्षिणी राज्यों के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से अपेक्षित मानसूनी बौछारें नहीं मिल पा रही हैं। इस मौसमी बदलाव के कारण कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, क्योंकि खरीफ फसलों की सिंचाई और जलाशयों में पानी के स्तर को बनाए रखने के लिए समय पर होने वाली बारिश बेहद जरूरी होती है। हालांकि, मौसम विभाग का यह भी कहना है कि मॉनसून के इस कमजोर चरण के बावजूद कुछ तटीय इलाकों में छिटपुट बौछारें या हल्की बारिश जारी रह सकती है।
स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसानों को समय रहते उचित सलाह दी जा सके। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ हफ्तों में वायुमंडलीय प्रणालियों में बदलाव होने के बाद मॉनसून एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ सकता है, जिससे बारिश की गतिविधियों में सुधार होने की उम्मीद है। फिलहाल दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में लोगों को सामान्य से कम बारिश और आंशिक रूप से बादलों से घिरे आसमान का सामना करना पड़ रहा है, जो क्षेत्र के समग्र मौसम पैटर्न को प्रभावित कर रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
