फरवरी का महीना अपने साथ सर्दी के आखिरी रंग लेकर आता है। 11 फरवरी 2026 को उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने के मूड में नजर आ रहा है। कहीं बादलों की चादर होगी, तो कहीं घना कोहरा लोगों की रफ्तार थामेगा। वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इन बदलावों के पीछे मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है।

दिल्ली-NCR में बादल और ठंडी हवा

राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में 11 फरवरी को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। सुबह के समय हल्की ठंड और ठंडी हवाओं का असर महसूस होगा। दिन के दौरान धूप हल्की निकल सकती है, लेकिन तेज हवाएं मौसम को ठंडा बनाए रखेंगी।

संभावित तापमान:

  • अधिकतम: 22–25 डिग्री सेल्सियस
  • न्यूनतम: 8–11 डिग्री सेल्सियस

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं होगी, लेकिन हवाओं की गति बढ़ने से ठंड का एहसास ज्यादा हो सकता है।

मैदानी इलाकों में घने कोहरे की संभावना

उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई मैदानी इलाकों में सुबह और देर रात घना कोहरा छा सकता है। इससे दृश्यता कम होने की आशंका है, जिसका असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ सकता है।

कोहरे से जुड़ी सावधानियां:

  • वाहन चलाते समय लो बीम लाइट का प्रयोग करें
  • अनावश्यक यात्रा से बचें
  • ट्रेनों और उड़ानों की समय-सारणी की जानकारी पहले से लें

कोहरे के कारण सुबह की ठंड और ज्यादा महसूस होगी, खासकर ग्रामीण इलाकों में।

पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 11 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

संभावित प्रभाव:

  • ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी
  • कुछ सड़कों पर फिसलन
  • पर्यटकों के लिए सतर्कता की सलाह

स्थानीय प्रशासन ने लोगों और यात्रियों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

कई राज्यों में चलेगी तेज हवा

राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इससे दिन में तापमान सामान्य रहते हुए भी ठंड का असर बना रहेगा।

ठंड अभी पूरी तरह विदा नहीं

हालांकि फरवरी के मध्य तक सर्दी धीरे-धीरे कम होने लगती है, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड की वापसी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।


क्या करें और क्या न करें?

मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है:

  • गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
  • पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें
  • वाहन चलाते समय सतर्क रहें

आगे का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार, 11 फरवरी के बाद भी उत्तर भारत में हल्के बादल और ठंडी हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि किसी बड़े तूफान या अत्यधिक बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है। धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, लेकिन सर्दी का असर पूरी तरह खत्म होने में अभी समय है।


11 फरवरी 2026 को उत्तर भारत का मौसम ठंडा, बादलों से घिरा और कई जगहों पर कोहरे व बर्फबारी से प्रभावित रह सकता है। जहां मैदानी इलाकों में कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम अपडेट पर नजर रखें और सावधानी के साथ अपनी दिनचर्या तय करें।

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