बदला मौसम, खिली मुस्कान: दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हल्की बारिश और ठंडी हवाओं की भविष्यवाणी।
दक्षिण भारत के राज्यों—तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में 18 मार्च 2026 को हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

Changed weather of South India
बेंगलुरु/चेन्नई:
दक्षिण भारत के राज्यों में पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश के बीच अब राहत की खबर आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है।
किन इलाकों में दिखेगा असर?
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आज यानि 18 मार्च को तमिलनाडु के तटीय और आंतरिक जिलों में बादलों की आवाजाही तेज रहेगी। कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों, विशेषकर बेंगलुरु और मैसूर जैसे शहरों में दोपहर के बाद मौसम सुहावना हो सकता है। केरल के छिटपुट इलाकों में भी हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।
तापमान में आएगी गिरावट
मार्च के महीने में दक्षिण भारत में आमतौर पर तापमान 35°C से 38°C के आसपास रहता है। हालांकि, आज होने वाली संभावित बारिश और ठंडी हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी सुकून मिलेगा। शाम के समय मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है।
हवा की रफ्तार और गरज-चमक
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने और गरज के साथ छींटे पड़ने की भी संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और कम दबाव के क्षेत्र के निर्माण के कारण यह मौसमी बदलाव देखा जा रहा है।
खेती और बागवानी पर प्रभाव
यह बेमौसम बारिश दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में बागवानी फसलों, जैसे कॉफी और काली मिर्च के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, कटी हुई फसलों को खुले में रखने वाले किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सिंचाई की योजना बना रहे किसानों के लिए यह प्राकृतिक वर्षा एक राहत लेकर आएगी।
पर्यटकों के लिए अच्छी खबर
ऊटी, कोडाइकनाल और कूर्ग जैसे हिल स्टेशनों की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए आज का दिन बेहद सुखद हो सकता है। इन पहाड़ी इलाकों में हल्की धुंध और बौछारों के कारण प्राकृतिक सुंदरता और निखर जाएगी। हालांकि, फिसलन भरी सड़कों को देखते हुए वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने का सुझाव दिया गया है।
सावधानी के उपाय
- बिजली से बचाव: गरज-चमक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें और खुले मैदानों में जाने से बचें।
- यातायात: अचानक होने वाली बारिश से सड़कों पर विजिबिलिटी कम हो सकती है, इसलिए वाहन धीमी गति से चलाएं।
- जल संचयन: यदि संभव हो, तो इस प्री-मानसून बारिश के पानी को संचित करने का प्रयास करें।
आज का दिन दक्षिण भारत के लिए मौसमी बदलाव का संकेत लेकर आ रहा है। यह वर्षा न केवल धूल और प्रदूषण के स्तर को कम करेगी, बल्कि बढ़ते पारे पर भी लगाम लगाएगी। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को अपडेट रहने की सलाह दी जा रही है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
