बेंगलुरु/चेन्नई: उत्तर भारत में जहाँ अभी भी हल्की ठंडक का अहसास बना हुआ है, वहीं दक्षिण भारत अब पूरी तरह से ग्रीष्म ऋतु (Summer) की गिरफ्त में आता दिख रहा है। वही आज दक्षिण भारतीय प्रायद्वीप के मौसम में दो बड़े विरोधाभास देखने को मिलेंगे। एक ओर जहाँ आंतरिक इलाकों में पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, वहीं तटीय इलाकों में नमी की वजह से मौसम में बदलाव के संकेत हैं।

1. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: चढ़ता पारा और शुष्क हवाएं

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अधिकांश हिस्सों में आज मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, रायलसीमा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 36°C से 38°C के बीच जा सकता है।

  • हैदराबाद: शहर में आसमान साफ रहेगा और दोपहर के समय तेज धूप परेशान कर सकती है। यहाँ न्यूनतम तापमान 20°C के आसपास रहने की उम्मीद है।
  • विजयवाड़ा और गुंटूर: यहाँ उमस (Humidity) का स्तर बढ़ने से गर्मी अधिक महसूस होगी।

2. केरल और तमिलनाडु: हल्की बारिश की उम्मीद

दक्षिण के इन दो राज्यों में समुद्री हवाओं और स्थानीय दबाव के कारण मौसम थोड़ा मेहरबान रह सकता है।

  • केरल: तिरुवनंतपुरम और कोच्चि के आसपास के इलाकों में दोपहर के बाद बादल छा सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी।
  • तमिलनाडु: चेन्नई में मौसम उमस भरा रहेगा, लेकिन नीलगिरी के पहाड़ी इलाकों और कन्याकुमारी के तटीय क्षेत्रों में हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। चेन्नई का अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रहने का अनुमान है।

3. कर्नाटक: बेंगलुरु का सुहाना मौसम बदलेगा?

कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों, विशेषकर उत्तर कर्नाटक (हुबली, धारवाड़) में गर्मी का असर तेज होगा।

  • बेंगलुरु: अपनी सुखद जलवायु के लिए मशहूर बेंगलुरु में भी 25 फरवरी को तापमान में वृद्धि देखी जा सकती है। यहाँ अधिकतम पारा 31°C से 32°C तक पहुँचने का अनुमान है। सुबह के समय हल्की धुंध रह सकती है, लेकिन दिन के समय चटक धूप खिलेगी।

समुद्री तटीय क्षेत्रों की स्थिति

आज बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी युक्त हवाओं के कारण तटीय कर्नाटक और गोवा के इलाकों में शाम के समय सुहावनी हवाएं चल सकती हैं। मछुआरों के लिए फिलहाल कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है, क्योंकि समुद्र की लहरें सामान्य रहने की उम्मीद है।

मौसम विभाग (IMD) के महत्वपूर्ण तथ्य

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल फरवरी के अंत में 'एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन' की वजह से दक्षिण भारत के आंतरिक राज्यों में गर्मी समय से पहले दस्तक दे रही है। शुष्क हवाओं के कारण मिट्टी की नमी कम हो रही है, जिसका असर कृषि पर भी पड़ सकता है।

आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सलाह

  • हाइड्रेशन: दक्षिण भारत की बढ़ती गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नारियल पानी और ताजे फलों का रस लेना लाभदायक होगा।
  • दोपहर का समय: 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। यदि आवश्यक हो, तो छाते या टोपी का प्रयोग करें।
  • हल्के कपड़े: सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे।

किसानों के लिए जानकारी

आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसलों (विशेषकर मिर्च और आम) की सिंचाई का प्रबंधन सही रखें, क्योंकि आने वाले दिनों में वाष्पीकरण (Evaporation) की दर बढ़ सकती है।

कुल मिलाकर, दक्षिण भारत एक संक्रमण काल से गुजर रहा है। जहाँ केरल के लोग हल्की बारिश का आनंद लेंगे, वहीं आंध्र और तेलंगाना के लोगों को गर्मी से जूझना पड़ेगा। मौसम का यह मिजाज संकेत दे रहा है कि इस साल मार्च और अप्रैल में दक्षिण भारत में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है।

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