सावधान! उत्तर भारत के मैदानों में चढ़ रहा पारा, पहाड़ी राज्यों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश।
उत्तर भारत में मौसम का दोहरा रूप! दिल्ली, यूपी, बिहार और राजस्थान में पारा 38°C के पार, तो पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट। जानें IMD की ताजा भविष्यवाणी।

Rain and thunderstorms are expected in the hilly states.
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला, कहीं तपिश तो कहीं बौछारें
नई दिल्ली:
उत्तर भारत में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में मैदानी राज्यों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा, जबकि एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
मैदानी राज्यों में गर्मी का सितम: दिल्ली, यूपी, बिहार और राजस्थान बेहाल
देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। मार्च के शुरुआती दिनों में ही सूरज के तेवर सख्त हो गए हैं।
- दिल्ली-NCR: राजधानी में अधिकतम तापमान 36°C से 38°C के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य से करीब 6 से 7 डिग्री अधिक है। आने वाले दिनों में आसमान साफ रहने के कारण धूप और तेज होगी।
- उत्तर प्रदेश और बिहार: यूपी और बिहार के अधिकांश जिलों में गर्म हवाओं का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने यहाँ 10 मार्च तक तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। हालांकि, पूर्वी यूपी और बिहार के कुछ हिस्सों में 9 और 10 मार्च को गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है, जिससे उमस बढ़ने के आसार हैं।
- राजस्थान: राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों, जैसे जैसलमेर और बाड़मेर में तापमान 39°C के पार पहुंच गया है। यहाँ 'हीटवेव' (लू) जैसी स्थिति बनी हुई है और लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
एक तरफ जहां मैदान तप रहे हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम सुहावना होने के साथ-साथ चेतावनी भरा भी है। एक सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के कारण उत्तर भारत के ऊंचे इलाकों में मौसम बदलने वाला है।
- जम्मू-कश्मीर: यहाँ 9 से 12 मार्च के बीच गरज-चमक और 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। 11 मार्च को घाटी के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।
- हिमाचल और उत्तराखंड: हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले हिस्सों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भी 10 मार्च से हल्की बारिश की उम्मीद है।
- पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला अगले 4-5 दिनों तक जारी रह सकता है।
तापमान में क्यों आ रहा है इतना बड़ा अंतर?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मैदानी इलाकों में बारिश न होने और शुष्क हवाओं के चलने से गर्मी समय से पहले बढ़ गई है। वहीं, पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक से वायुमंडल में हलचल पैदा हो रही है, जिससे वहां नमी और बारिश का माहौल बन रहा है। इस 'मौसम के टकराव' की वजह से अचानक तापमान गिर सकता है और कहीं अचानक बढ़ सकता है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
आम जनता और किसानों के लिए जरूरी सावधानी
- सेहत का ख्याल: अचानक बदलते मौसम से सर्दी-जुकाम और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें।
- खेती-बाड़ी: बढ़ते तापमान को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने उत्तर भारत के किसानों को गेहूं और सरसों की फसलों में हल्की सिंचाई (Light Irrigation) की सलाह दी है, ताकि गर्मी की वजह से फसलें समय से पहले न सूखें।
- यात्री अलर्ट: जो लोग इस समय पहाड़ों (मनाली, शिमला या श्रीनगर) की यात्रा की योजना बना रहे हैं, वे भूस्खलन और बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए ही आगे बढ़ें।
उत्तर भारत में मार्च का यह महीना रिकॉर्ड तोड़ रहा है। एक तरफ मैदानों में पंखे और एसी चलने शुरू हो गए हैं, तो दूसरी तरफ पहाड़ों पर अभी भी बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम विभाग की मानें तो अगले एक हफ्ते तक यह उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
