कड़कड़ाती ठंड और कोहरे का 'डेडली कॉम्बिनेशन': उत्तर भारत में हाड़ कपाने वाली सर्दी का सितम
उत्तर भारत में भीषण शीतलहर और घने कोहरे का कहर जारी है। दिल्ली-NCR, पंजाब और राजस्थान में पारा 5 डिग्री तक गिरा, जिससे उड़ानों और ट्रेनों की रफ्तार थमी। जानिए मौसम विभाग की नई चेतावनी और कब मिलेगी इस कड़कड़ाती ठंड से राहत। 28 जनवरी 2026 की विस्तृत रिपोर्ट।

नई दिल्ली | 28 जनवरी 2026
उत्तर भारत के विशाल मैदान इस समय प्रकृति के दोहरे प्रहार की चपेट में हैं। एक तरफ जहां बर्फीली हवाओं (Cold Wave) ने हड्डियों तक को कंपा देने वाली ठंड का अहसास कराया है, वहीं दूसरी ओर 'घने कोहरे' (Dense Fog) की सफेद चादर ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। हालांकि दिन के समय सूरज की लुका-छिपी जारी है, लेकिन यह राहत केवल छलावा साबित हो रही है क्योंकि रात और सुबह का पारा सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है।
कोहरे की कैद में राजधानी और पड़ोसी राज्य
आज सुबह दिल्ली-NCR सहित पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्से घने कोहरे की चपेट में रहे। विजिबिलिटी (दृश्यता) कई स्थानों पर शून्य से 50 मीटर के बीच दर्ज की गई, जिसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।
- यातायात पर प्रहार: विजिबिलिटी कम होने के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कई उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा। वहीं, उत्तर रेलवे की दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं।
- सड़क सुरक्षा: राजमार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। प्रशासन ने वाहन चालकों को 'फॉग लाइट' का प्रयोग करने और गति सीमा को न्यूनतम रखने की सख्त हिदायत दी है।
तापमान का गिरता ग्राफ: 5°C तक पहुंची ठिठुरन
मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के इन राज्यों में न्यूनतम तापमान $5^{-circ}C$ से $9^{-circ}C$ के बीच झूल रहा है। यह असामान्य गिरावट मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
"पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं ने मैदानी क्षेत्रों में एक स्थिर दबाव बना दिया है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, अगले 48 घंटों में इस शीत लहर के प्रभाव में कमी आने की उम्मीद है।" — वरिष्ठ मौसम विज्ञानी
राहत की उम्मीद: अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र ने एक सकारात्मक संकेत भी दिया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 48 घंटों के भीतर उत्तर भारत में शीत लहर का प्रकोप धीरे-धीरे कम होने लगेगा। धीरे-धीरे न्यूनतम तापमान में $2^{-circ}C$ से $3^{-circ}C$ की वृद्धि होने की संभावना है, जिससे आम जनता को इस भीषण ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है।
यह केवल मौसम का बदलाव नहीं है, बल्कि यह समय स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक सतर्कता बरतने का है। कोहरे और ठंड का यह मेल विशेष रूप से सांस और हृदय के रोगियों के लिए संवेदनशील समय माना जा रहा है।

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