बारिश ने ली 7 की जान और 5000 किताबें तबाह ; बेंगलुरु में अचानक हुई बारिश ने मचाई आफत
बेंगलुरु में अचानक आई भीषण बारिश ने तबाही मचा दी, अस्पताल की दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई जबकि चर्च स्ट्रीट स्थित बुकवर्म पुस्तकालय में किताबें पानी में बहकर नष्ट हो गईं। इस घटना ने शहरी ढांचे और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

बेंगलुरु में भारी बारिश और तूफान से जनजीवन प्रभावित
दक्षिण भारत के प्रमुख शहर बेंगलुरु में अचानक आए भीषण बारिश और तूफान ने ऐसा कहर बरपाया कि एक ही दिन में सात लोगों की जान चली गई और शहर का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल जनजीवन को झकझोर दिया, बल्कि शहर की बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को भी उजागर कर दिया।
घटना का सबसे दर्दनाक पहलू उस समय सामने आया जब तेज बारिश के बीच एक अस्पताल परिसर की करीब 8 फुट ऊंची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में एक बच्चे सहित चार सड़क किनारे ठेला लगाने वाले विक्रेताओं और केरल के दो अन्य लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये सभी लोग बारिश से बचने के लिए दीवार के पास शरण लिए हुए थे, लेकिन वही स्थान उनके लिए मौत का कारण बन गया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे अत्यंत दुखद बताया है।
After Heavy Rains, The Boundary Wall Of Bowring Hospital - Bengaluru’s Main Govt Hospital COLLAPSED, Taking The Lives Of Seven Poor People.
— Dr Ranjan (@DocRGM_) April 30, 2026
Annual Revenue of;
Bengaluru: $42 Billion
Berlin, Germany: $41 Billion pic.twitter.com/9bRvNhAApK
Over 50 trees have fallen in Bengaluru, water logging reported in multiple areas, why is this becoming normal when it rains? pic.twitter.com/gbiSNChqDp
— Deepak Bopanna (@dpkBopanna) April 29, 2026
इस बीच, शहर में आई इस अचानक मौसमीय तबाही ने सड़कों को जलमग्न कर दिया, कई पेड़ उखड़ गए और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने हालात को और गंभीर बना दिया, जिससे आम जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा।
Popular Church Street bookstore Bookworm, a regular haunt for many of us, has been badly affected as the hailstorm, incessant rain cause flooding of the store, destroying more than 5,000 books.@bookworm_Kris #bengalururains pic.twitter.com/zSZzFTfklj
— Rohini Swamy (@Rohini_Swamy) April 29, 2026
Rainwater drain in Bengaluru right after the first rain. Swachh Bharat turned out to be the biggest failure not because of the government, but because of the people. pic.twitter.com/1AkLK1hCRD
— 🚨Indian Gems (@IndianGems_) April 30, 2026
इसी आपदा के बीच बेंगलुरु के सांस्कृतिक और साहित्यिक जगत को भी गहरा आघात पहुंचा। चर्च स्ट्रीट स्थित प्रसिद्ध पुस्तकालय ‘बुकवर्म’ में बारिश का पानी अचानक घुस गया, जिससे वहां रखी लगभग 4,000 से 5,000 किताबें नष्ट हो गईं। इन किताबों की कीमत करीब 14 लाख रुपये आंकी गई है। दुकान के अंदर का दृश्य अत्यंत मार्मिक था, जहां घुटनों तक भरे पानी में किताबें तैरती नजर आईं। यह पुस्तकालय वर्षों से साहित्य प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, और इस नुकसान ने पाठकों और समुदाय को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर शहरी बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से जल निकासी व्यवस्था और पुराने निर्माणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, यह भी स्पष्ट हुआ है कि बदलते मौसम पैटर्न और चरम मौसम घटनाएं अब भारतीय शहरों के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। बेंगलुरु की यह त्रासदी केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि भविष्य के लिए चेतावनी भी है, जो समय रहते सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
