असम में बारिश और कटाव से बढ़ी आफत ; सिमेन नदी पर रेलवे पुल हुआ क्षतिग्रस्त
असम के धेमाजी जिले में लगातार मानसूनी बारिश और नदी कटाव के कारण सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल आंशिक रूप से ढह गया, जिससे पूर्वी असम की रेल सेवाएं बाधित हो गईं। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सरकार, रेलवे और राहत एजेंसियां बहाली और बचाव कार्यों में जुटी हैं।

धेमाजी में सिमेन नदी के तेज बहाव के कारण ढह गई
असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर राज्य के बुनियादी ढांचे और जनजीवन को गहरी चोट पहुंचाई है। धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बने रेलवे पुल का एक हिस्सा ढह जाने से पूर्वी असम की रेल संपर्क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। यह घटना 28 जून 2026 को उस समय सामने आई जब लगातार हो रही बारिश और तेज़ बहाव के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय पुल से कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, असम और पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सिमेन नदी उफान पर आ गई। तेज़ जलधारा ने नदी किनारे की मिट्टी को तेजी से काटना शुरू कर दिया, जिससे पुल के एक सहायक पिलर के आसपास की जमीन कमजोर हो गई। लगातार हो रहे कटाव के चलते पुल की नींव प्रभावित हुई और धेमाजी जिले के आर्चीपाथर तथा सिमेन चापरी रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया।
रेलवे अधिकारियों ने समय रहते पुल में आई क्षति का पता लगा लिया और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए तत्काल इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पुल के क्षतिग्रस्त होने की मुख्य वजह लगातार हो रही मानसूनी बारिश, नदी किनारे का गंभीर कटाव और तेज़ जलधारा के कारण पुल की नींव का कमजोर होना है। फिलहाल ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि हादसे के समय पुल पर कोई ट्रेन मौजूद थी।
A portion of the railway bridge over the Simen River in Dhemaji, Assam collapsed following heavy rainfall. pic.twitter.com/z4THKV7xdo
— Pooja Mehta (@pooja_news) June 29, 2026
इस घटना का सबसे बड़ा असर ऊपरी असम की रेल संपर्क व्यवस्था पर पड़ा है। आर्चीपाथर और सिमेन चापरी के बीच रेल सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई हैं। इसके साथ ही असम के पूर्वी छोर पर स्थित महत्वपूर्ण रेलवे टर्मिनल मुरकोंगसेलेक की रेल कनेक्टिविटी भी बाधित हो गई है। कई ऐसे गांव, जो दैनिक आवागमन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए रेलवे पर निर्भर हैं, फिलहाल अस्थायी रूप से प्रभावित हो गए हैं। रेलवे प्रशासन वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की संभावनाओं का भी आकलन कर रहा है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
घटना के बाद राज्य सरकार ने भी स्थिति पर तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पूरे मामले की समीक्षा की और प्रभावित क्षेत्र में मंत्रियों को भेजकर राहत एवं बहाली कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए। वहीं, नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के इंजीनियरों ने पुल की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक नदी का जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता और पुल की सुरक्षा का विस्तृत आकलन पूरा नहीं हो जाता, तब तक मरम्मत कार्य शुरू करना संभव नहीं होगा।
रेलवे पुल का यह हादसा असम में वर्ष 2026 के पहले बड़े बाढ़ संकट के बीच सामने आया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के छह जिलों में अब तक 22,124 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। धेमाजी सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां 15,483 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य के 96 गांव जलमग्न हो चुके हैं, जबकि लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा करीब 48,200 पशुधन भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सिवसागर जिले में दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे हालात और गंभीर बने हुए हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन ने राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां विस्थापित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और असम फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री ने भी मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बातचीत कर हालात की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
सिमेन नदी पर रेलवे पुल का आंशिक ढहना केवल एक बुनियादी ढांचे की क्षति नहीं, बल्कि यह लगातार हो रही अत्यधिक मानसूनी बारिश और बाढ़ के बढ़ते खतरे का गंभीर संकेत है। फिलहाल रेल सेवाएं पूरी तरह बंद हैं और मरम्मत कार्य नदी का जलस्तर घटने के बाद ही शुरू किया जाएगा। राज्य सरकार, रेलवे और राहत एजेंसियां हालात सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों के हजारों लोगों के सामने अब भी बाढ़ और आवागमन की गंभीर चुनौती बनी हुई है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
