बेंगलुरु/चेन्नई:

मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है और दक्षिण भारत के राज्यों में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। आज, 13 मार्च 2026 को दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत में शुष्क हवाओं और तेज धूप के कारण लू (Heatwave) जैसी स्थिति बनने लगी है, हालांकि कुछ राज्यों के लिए राहत की खबर भी है।

तापमान का ताज़ा हाल: कहां कितनी गर्मी?

दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों में आज तापमान का ग्राफ कुछ इस प्रकार रहने की संभावना है:

  • कर्नाटक: बेंगलुरु और इसके आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 34°C से 36°C के बीच रहने की उम्मीद है। उत्तर कर्नाटक के जिलों जैसे कलबुर्गी और रायचूर में पारा 38°C को भी पार कर सकता है।
  • तमिलनाडु: चेन्नई और तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी (Humid Heat) परेशान करेगी। यहाँ तापमान 33°C से 35°C के आसपास रहेगा, लेकिन महसूस होने वाली गर्मी (RealFeel) कहीं ज्यादा होगी।
  • तेलंगाना और आंध्र प्रदेश: इन राज्यों में गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिख रहा है। हैदराबाद और विजयवाड़ा जैसे शहरों में दोपहर का तापमान 37°C से 39°C तक जा सकता है।

बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान

भले ही गर्मी बढ़ रही है, लेकिन मौसम विभाग ने राहत के संकेत भी दिए हैं। एक ट्रफ रेखा (Trough Line) के प्रभाव से दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है:

  • तेलंगाना और आंध्र प्रदेश: 13 मार्च की शाम या देर रात तेलंगाना के कुछ जिलों और तटीय आंध्र प्रदेश के छिटपुट इलाकों में हल्की बारिश या गरज-चमक (Thunderstorm) के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। यह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है।
  • केरल: केरल के आंतरिक हिस्सों में स्थानीय बादलों के बनने के कारण हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे रात के तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी।
  • तमिलनाडु और पुडुचेरी: यहाँ मुख्य रूप से मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है इतनी जल्दी गर्मी?

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल दक्षिण भारत में 'एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन' के कारण समुद्र से आने वाली ठंडी हवाएं कमजोर पड़ी हैं। इसके अलावा:

  • शुष्क हवाएं: जमीन की ओर से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं ने नमी को सोख लिया है।
  • साफ आसमान: बादलों की कमी के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती पर पहुंच रही हैं, जिससे 'हीटिंग इफेक्ट' बढ़ गया है।
  • शहरीकरण: कंक्रीट के जंगलों के कारण रात का तापमान भी सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है।

आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर

बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। विशेषकर निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए दोपहर का समय चुनौतीपूर्ण हो रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मार्च की यह गर्मी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का कारण बन सकती है।

  • कृषि पर प्रभाव: कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के किसानों के लिए शुष्क मौसम सिंचाई की मांग बढ़ा रहा है। फल उत्पादकों (जैसे आम के बागान) के लिए हल्की बारिश वरदान साबित हो सकती है, लेकिन तेज हवाएं नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।

आने वाले दिनों का रुझान

IMD के अनुसार, मार्च के शेष दिनों में दक्षिण भारत में गर्मी और तेज होगी। फिलहाल किसी बड़े चक्रवाती सिस्टम के संकेत नहीं हैं, जिससे व्यापक वर्षा हो सके। केवल छिटपुट प्री-मानसून बौछारें ही राहत का एकमात्र जरिया होंगी।

सावधानियां: खुद को कैसे बचाएं?

  • तरल पदार्थ: नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी का अधिक सेवन करें।
  • बाहर निकलने का समय: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें।
  • पहनावा: सूती और ढीले कपड़े पहनें जो पसीने को सोख सकें।
  • पशु-पक्षियों का ध्यान: अपनी छतों या बालकनी में पानी के बर्तन जरूर रखें।

13 मार्च 2026 को दक्षिण भारत पूरी तरह से गर्मी की चपेट में रहेगा। जहाँ कर्नाटक और तमिलनाडु के लोग चिलचिलाती धूप का सामना करेंगे, वहीं तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में शाम को होने वाली हल्की बारिश थोड़ी राहत पहुंचा सकती है। बदलती जलवायु के इस दौर में सतर्क रहना ही सबसे बेहतर बचाव है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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