नई दिल्ली:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में मार्च के दूसरे सप्ताह में ही मौसम ने करवट बदल ली है। सर्दियों की विदाई के बाद अब गर्मी ने समय से पहले अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान अब 35°C से 37°C के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो इस मौसम के सामान्य औसत से काफी अधिक है।

तपिश की चपेट में दिल्ली-एनसीआर

पिछले कुछ दिनों से आसमान साफ रहने और तेज धूप के कारण राजधानी की हवाओं में गर्माहट बढ़ गई है। पालम, सफदरजंग और नजफगढ़ जैसे इलाकों में दोपहर के समय लू जैसी स्थिति महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल शुष्क मौसम और कम बारिश के चलते तापमान में यह अचानक उछाल देखा जा रहा है। आज सुबह से ही सूरज की किरणें तीखी महसूस की गईं, जिससे कामकाजी लोगों और छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ला सकता है बदलाव

गर्मी के इस बढ़ते ग्राफ के बीच राहत की एक खबर भी सामने आ रही है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से अगले 3-4 दिनों में उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है।

  • हल्की बारिश के आसार: 14 और 15 मार्च के आसपास दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
  • तेज हवाएं: बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
  • न्यूनतम तापमान: हालांकि अधिकतम तापमान बढ़ा हुआ है, लेकिन न्यूनतम तापमान अभी भी 16°C से 19°C के बीच बना हुआ है, जिससे रातें अभी भी अपेक्षाकृत आरामदायक हैं।

प्रदूषण और स्वास्थ्य पर असर

बढ़ती गर्मी और हवा की धीमी गति के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता (AQI) भी 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अचानक बढ़ती गर्मी से बचने के लिए लोग तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें और दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव वायरल इन्फेक्शन का कारण बन सकता है।

खेती और बिजली की मांग

तापमान में इस तेजी से बढ़त का असर कृषि और बिजली की खपत पर भी दिख रहा है। मार्च के महीने में इतनी गर्मी होने से गेहूं की तैयार हो रही फसल पर असर पड़ने की आशंका है। वहीं, दिल्ली के कई इलाकों में एयर कंडीशनर और कूलरों का उपयोग अभी से शुरू हो गया है, जिससे बिजली की मांग में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है।

क्या यह 'हीटवेव' का संकेत है?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो अप्रैल की शुरुआत में ही दिल्ली को गंभीर लू (Heatwave) का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें आने वाले पश्चिमी विक्षोभ पर टिकी हैं, जो इस तपती गर्मी से अस्थायी राहत दिला सकता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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