बेंगलुरु/चेन्नई: मार्च का महीना खत्म होते-होते दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, वहीं दूसरी ओर प्रायद्वीपीय भारत यानी दक्षिण भारत में भी वायुमंडलीय बदलावों के कारण आज भारी हलचल होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी का अनुमान जताया है।

इन राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना

मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र से उठने वाली नमी वाली हवाओं के कारण दक्षिण भारत के आंतरिक और तटीय इलाकों में बादलों का घेरा बढ़ेगा।

  • तमिलनाडु: राज्य के तटीय जिलों और पश्चिमी घाट से सटे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
  • केरल: केरल के अधिकांश हिस्सों में दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। यहाँ कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
  • कर्नाटक: दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तटीय कर्नाटक के जिलों में छिटपुट बारिश देखी जा सकती है। बेंगलुरु जैसे शहरों में भी शाम के समय बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है।

तापमान और उमस का गणित

आज तापमान बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा, लेकिन नमी के कारण लोगों को परेशानी हो सकती है।

  • अनुमानित तापमान: अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 28°C से 34°C के बीच रहने का अनुमान है।
  • नमी (Humidity): हवा में नमी की मात्रा बढ़ने से वास्तविक तापमान की तुलना में गर्मी का अहसास अधिक होगा। तटीय इलाकों में अत्यधिक आर्द्रता की वजह से 'ह्यूमिडिटी' या उमस काफी महसूस की जाएगी, जिससे पसीना अधिक आ सकता है।

तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ कुछ इलाकों में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Squall) चल सकती हैं। इसके अलावा, बादलों की तेज गर्जना और बिजली गिरने (Lightning) की घटनाएं भी हो सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को सलाह दी गई है कि गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

मुख्य बिंदु: एक नज़र में

  • प्रभावित क्षेत्र: मुख्य रूप से तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक।
  • मौसम की स्थिति: गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने की संभावना।
  • तापमान सीमा: 28°C से 34°C के बीच पारा रहने की उम्मीद।
  • असर: हवा में नमी बढ़ने से उमस भरा माहौल रहेगा।
  • सावधानी: तेज हवाओं और बिजली से बचाव के लिए सतर्क रहें।

स्थानीय जीवन और कृषि पर प्रभाव

मार्च के अंत में होने वाली यह बारिश बागवानी फसलों, विशेषकर दक्षिण भारत के कॉफी और रबर के बागानों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन तेज आंधी फसलों को नुकसान भी पहुँचा सकती है। शहरों में अचानक होने वाली बारिश से यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना मौसम को ध्यान में रखकर ही बनाएं।

कुल मिलाकर, आज दक्षिण भारत के लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत तो मिलेगी, लेकिन बढ़ती उमस और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतना अनिवार्य है। मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी बड़े बदलाव की स्थिति में समय-समय पर अपडेट जारी करेगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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