दक्षिण भारत में समय से पहले गर्मी की दस्तक, उमस ने बढ़ाई बेचैनी

चेन्नई/बेंगलुरु:

उत्तर भारत के साथ-साथ अब दक्षिण भारत के राज्यों में भी सूर्य देव के तेवर कड़े होने लगे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मार्च की शुरुआत में ही तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में गर्मी धीरे-धीरे अपने पैर पसार रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित होना शुरू हो गया है।

प्रमुख राज्यों का हाल: कहाँ कितनी तपिश?

तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश:

तमिलनाडु के आंतरिक जिलों और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 37°C से 39°C के बीच पहुंच गया है। खासकर रायलसीमा और उससे सटे तमिलनाडु के जिलों में 'हीटवेव' जैसे हालात बनने लगे हैं।

कर्नाटक और बेंगलुरु:

बेंगलुरु, जिसे अपनी ठंडी जलवायु के लिए जाना जाता है, वहां भी इस बार मार्च में गर्मी का रिकॉर्ड टूटता नजर आ रहा है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में पारा 38°C को पार कर चुका है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक हफ्ते में तापमान में 2-3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है।

तेलंगाना और हैदराबाद:

हैदराबाद सहित तेलंगाना के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम बना हुआ है। यहाँ दिन का तापमान सामान्य से काफी ऊपर है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है।

चेन्नई और केरल: उमस (Humidity) का बढ़ता ग्राफ

तटीय इलाकों की स्थिति मैदानी इलाकों से थोड़ी अलग लेकिन ज्यादा कष्टदायक है। चेन्नई और केरल के तटीय जिलों में तापमान भले ही 34°C-35°C के आसपास हो, लेकिन हवा में नमी (Humidity) का स्तर 70% से 80% तक पहुंच गया है।

  • चिपचिपी गर्मी: उच्च आर्द्रता के कारण 'रियल फील' तापमान (Heat Index) वास्तविक तापमान से 4-5 डिग्री ज्यादा महसूस हो रहा है। इसके कारण लोगों को अत्यधिक पसीना आने और थकान की समस्या हो रही है।
  • केरल में स्थिति: केरल के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है, लेकिन इससे गर्मी से राहत मिलने के बजाय उमस और बढ़ने के आसार हैं।

बारिश की संभावना और शुष्क मौसम

IMD की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में किसी बड़े सिस्टम या भारी बारिश की संभावना नहीं है। आसमान साफ रहेगा और धूप सीधी पड़ेगी। हालाँकि, दक्षिण तमिलनाडु और केरल के छिटपुट इलाकों में स्थानीय कारणों से हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर राहत मिलने की उम्मीद कम है।

बढ़ती गर्मी और उमस से बचाव के लिए 'हेल्थ अलर्ट'

दक्षिण भारत की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, यहाँ की गर्मी से निपटने के लिए विशेषज्ञ निम्नलिखित सलाह देते हैं:

  • पसीने के कारण होने वाली कमी: अत्यधिक उमस में शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है। शरीर में पानी और नमक (इलेक्ट्रोलाइट्स) का संतुलन बनाए रखने के लिए नारियल पानी और ताजे फलों के रस का सेवन बढ़ा दें।
  • त्वचा का ख्याल: तटीय इलाकों में रहने वाले लोग सनस्क्रीन और सूती कपड़ों का उपयोग करें ताकि 'हीट रैशेज' या घमौरियों से बचा जा सके।
  • बुजुर्गों और बच्चों पर ध्यान: अचानक बढ़ते तापमान का असर बच्चों और बुजुर्गों पर जल्दी होता है। उन्हें सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाएं।

दक्षिण भारत में मार्च का यह महीना भविष्य की चुनौतियों का संकेत दे रहा है। जल संकट और बिजली की बढ़ती मांग के बीच, मौसम विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। आने वाले हफ्तों में गर्मी के और भी प्रचंड होने की संभावना है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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