देशभर में मानसून का प्रकोप एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है, जिसके चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के लगभग 14 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण तथा एक गहरे दबाव के क्षेत्र के कारण मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक और प्रभावी हो गया है। इस प्रणाली के प्रभाव से मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय राज्यों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है, और कई क्षेत्रों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मानसून की गतिविधियों में अचानक तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आधिकारिक पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में आज आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और दिन के अलग-अलग समय पर तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के क्षेत्रों में यह बारिश का दौर आगामी 19 अगस्त तक रुक-रुक कर जारी रह सकता है, जिससे उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

उत्तर प्रदेश के मौसम पर नजर डालें तो राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, मथुरा, आगरा, गोंडा, गोरखपुर, संतकबीर नगर, अलीगढ़, झांसी, मुजफ्फरनगर, बहराइच, मिर्जापुर, जौनपुर, सोनभद्र और मऊ सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। राजधानी लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं।

पड़ोसी राज्य बिहार में भी मौसम का मिजाज काफी सख्त नजर आ रहा है। राजधानी पटना सहित नालंदा, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, गया, औरंगाबाद, बेगूसराय, समस्तीपुर, सहरसा, किशनगंज, जहानाबाद, शेखपुरा, कटिहार, खगड़िया, कैमूर, सारण, रोहतास, लखीसराय और सुपौल जिलों में तेज आंधी और झमाझम बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, और पटना में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के मनाली, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, ऊना, किन्नौर, सिरमौर, कांगड़ा, सोलन, चंबा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसी प्रकार उत्तराखंड के नैनीताल, ऋषिकेश, हरिद्वार, बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, उधम सिंह नगर और अल्मोड़ा में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है, जहां हवा की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पहाड़ों पर लगातार हो रही इस बारिश ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून का सबसे भयंकर रूप देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, देवास, अलीराजपुर, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सीधी, पन्ना, गुना, मुरैना और खंडवा में तेज बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में तो भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, पाली, भरतपुर, भीलवाड़ा, बारां, सिरोही, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में भी भीषण बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

पूर्वी और तटीय राज्यों में भी कम दबाव के क्षेत्र का गहरा प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। झारखंड की राजधानी रांची सहित जमशेदपुर, रामगढ़, चतरा, गुमला, पलामू, खूंटी, सरायकेला, दुमका, जामताड़ा और साहिबगंज में तूफानी बारिश का अलर्ट है। ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है, और इन क्षेत्रों में अभी भी भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम के चलते मछुआरों को तटवर्ती इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

पश्चिम में महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर जारी है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की खबर है। मौसम विभाग की इस व्यापक चेतावनी के बाद देश के कई राज्यों में सुरक्षा और एहतियात के तौर पर प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और यात्रा करने से पहले स्थानीय मौसम के ताजा अपडेट अवश्य जांच लें।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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