करीमनगर, तेलंगाना: सोशल मीडिया के दौर में रिश्तों और भरोसे की आड़ में चल रहे एक बड़े और संगठित 'ब्लैकमेलिंग रैकेट' का पर्दाफाश हुआ है। तेलंगाना के करीमनगर में पुलिस ने एक ऐसे पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने इंस्टाग्राम और यूट्यूब को अपना हथियार बनाकर 100 से अधिक लोगों को शिकार बनाया। यह दंपत्ति पिछले तीन वर्षों से बेखौफ होकर अपनी काली करतूतों को अंजाम दे रहा था और अब तक करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित कर चुका था।

साजिश की शुरुआत और हनीट्रैप का जाल

इस रैकेट की मास्टरमाइंड पत्नी थी, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहती थी। वह इंस्टाग्राम और यूट्यूब के माध्यम से अलग-अलग पुरुषों से संपर्क साधती, उन्हें अपने मोहपाश में फंसाती और विश्वास में लेती थी। एक बार जब शिकार पूरी तरह जाल में फंस जाता, तो वह उन्हें अपने घर पर शारीरिक संबंधों के लिए आमंत्रित करती।

यहीं से असली खेल शुरू होता था। जब पीड़ित और महिला एकांत में होते, तब महिला का पति गुप्त रूप से उन पलों का वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था। इसके बाद शुरू होता था ब्लैकमेलिंग का अंतहीन सिलसिला।

वसूली का धंधा और अवैध संपत्ति

वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद, यह दंपत्ति पीड़ितों को वीडियो वायरल करने और उनके परिवार को भेजने की धमकी देकर पैसों की मांग करता था। बदनामी के डर से पीड़ित चुपचाप उनकी मांगों को पूरा करते रहे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि:

  • दंपत्ति ने इस अवैध कमाई से ऐश-ओ-आराम की जिंदगी बसर की।
  • उन्होंने ब्लैकमेलिंग के पैसों से 65 लाख रुपये का एक प्लॉट खरीदा।
  • इसके अलावा, 10 लाख रुपये की एक लग्जरी कार भी खरीदी गई।

ऐसे हुआ भंडाफोड़: ट्रक व्यवसायी की शिकायत

इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक ट्रक व्यवसायी ने हिम्मत जुटाई। दंपत्ति ने इस व्यवसायी को भी उसी तरह फंसाया था और ब्लैकमेल कर उससे 13 लाख रुपये वसूल लिए थे। लेकिन उनका लालच यहीं नहीं थका; उन्होंने व्यवसायी से और 5 लाख रुपये की मांग की।

जब व्यवसायी ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो दंपत्ति ने उसे जान से मारने और वीडियो उसके परिवार को भेजने की धमकी दी। आखिरकार, पीड़ित ने पुलिस की शरण ली और मामला दर्ज कराया।

पुलिस कार्रवाई और बरामदगी

शिकायत मिलते ही करीमनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दंपत्ति को धर दबोचा। पुलिस ने उनके पास से आपत्तिजनक वीडियो, मोबाइल फोन, नकद राशि और कुछ चेक बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस "डर्टी गेम" में 100 से अधिक लोग फंस चुके थे।

यह घटना न केवल अपराध जगत की एक खबर है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। सोशल मीडिया पर अजनबियों से जुड़ना और बिना जांच-परख के विश्वास करना कितना घातक हो सकता है, यह मामला इसका जीता-जागता उदाहरण है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।

Updated On
Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story