ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक भारतीय मूल के रेस्टोरेंट को लेकर उठा विवाद इन दिनों अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। सिख समुदाय से जुड़े रेस्टोरेंट मालिक हरमन सिंह कपूर के रेस्टोरेंट रंगरेज़ के बाहर उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब उनके ‘हलाल मांस नहीं परोसने’ के फैसले को लेकर भीड़ ने विरोध जताया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में रेस्टोरेंट के बाहर तीखी बहस, नारेबाजी और पुलिस की मौजूदगी देखी गई, जिसने इस पूरे मामले को व्यापक बहस का विषय बना दिया।


‘हलाल नहीं परोसेंगे’ बोर्ड से शुरू हुआ विवाद:

जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट के मालिक हरमन सिंह कपूर ने शुरुआत से ही अपने प्रतिष्ठान में हलाल मांस परोसने से इनकार किया था। हाल ही में उन्होंने रेस्टोरेंट के बाहर एक बोर्ड लगाया, जिस पर लिखा था “हम गर्व से हलाल मांस नहीं बेचते।” यही संदेश विवाद की शुरुआत का कारण बन गया। बोर्ड लगने के बाद कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके चलते रेस्टोरेंट के बाहर बहस और टकराव की स्थिति पैदा हो गई।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि कुछ लोग रेस्टोरेंट के बाहर इकट्ठा होकर मालिक से तीखी बहस कर रहे हैं। मौके पर पुलिस भी मौजूद रही, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। हालांकि, इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण दिखाई दिया।


रेस्टोरेंट मालिक कपूर का कहना है कि बोर्ड लगाने के बाद उन्हें लगातार गालियां, धमकियां और दबाव का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार कुछ लोगों ने उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नकारात्मक रिव्यू भी पोस्ट किए, जिससे उनके रेस्टोरेंट की प्रतिष्ठा और कारोबार प्रभावित हुआ। कपूर ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध के दौरान कुछ समूहों द्वारा उनके खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाया गया और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पाई। इन आरोपों के बाद यह मुद्दा और अधिक विवादित हो गया और सोशल मीडिया पर इस पर तीखी बहस शुरू हो गई।


स्थिति तब और जटिल हो गई जब रेस्टोरेंट मालिक ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो पोस्ट किए, जिनमें उन्होंने हलाल प्रथा की आलोचना की और अपने आलोचकों पर तीखी टिप्पणियां कीं। इन बयानों के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया और समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच इस मुद्दे पर विभाजित प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।



16 साल पुराने रेस्टोरेंट को बंद करने का निर्णय:

लगातार विवाद और बढ़ते दबाव के बीच हरमन सिंह कपूर ने आखिरकार अपना रेस्टोरेंट बंद करने का फैसला किया। यह रेस्टोरेंट करीब 16 वर्षों से संचालित हो रहा था और स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय माना जाता था। कपूर ने घोषणा की कि वह अब अपने व्यवसाय को बंद कर सामाजिक और वैचारिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।


ब्रिटेन में किसी भी रेस्टोरेंट के लिए हलाल भोजन परोसना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। हालांकि देश में बड़ी मुस्लिम आबादी होने के कारण कई रेस्टोरेंट ग्राहकों की मांग के अनुरूप हलाल भोजन उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में यह घटना केवल एक रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रही, बल्कि धार्मिक खानपान परंपराओं, व्यापारिक स्वतंत्रता और सामाजिक सामंजस्य जैसे बड़े सवालों को भी सामने ले आई। लंदन का यह विवाद अब ब्रिटेन में सांस्कृतिक विविधता, धार्मिक पहचान और व्यवसायिक स्वतंत्रता को लेकर चल रही व्यापक बहस का प्रतीक बन गया है। एक ओर जहां कुछ लोग इसे व्यक्तिगत और व्यावसायिक अधिकार का मामला बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा मुद्दा माना जा रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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