उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थल वृंदावन से एक ऐसी दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसके बाद से तीर्थस्थलों पर सार्वजनिक सुरक्षा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठे हैं। वृंदावन में आए मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी जिनका नाम अभिज्ञान गुप्ता बताया जा रहा है, उनकी कथित तौर पर एक एक वाटर स्प्रे कूलिंग सिस्टम में करंट आने के कारण मौत हो गई। यह हादसा 15 जून, 2026 को हुआ और अभिज्ञान जो 21 वर्ष के थे, वे अपने परिवार सहित दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे।


प्राप्त जानकारी के अनुसार अभिज्ञान गुप्ता अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ धार्मिक यात्रा पर वृंदावन आए थे। दर्शन के बाद वह मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए लगाए गए वाटर कूलर और मिस्ट स्प्रे सिस्टम के पास पहुंचे। इसी दौरान उनका संपर्क उस उपकरण से हुआ, जिसमें कथित रूप से विद्युत करंट प्रवाहित हो रहा था।

बताया जा रहा है कि कूलिंग सिस्टम में बिजली का रिसाव हो गया था, जिसके कारण अभिज्ञान को जोरदार करंट लगा। करंट लगते ही वह मौके पर गिर पड़े और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने तुरंत उन्हें बचाने का प्रयास किया तथा आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।



इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना ने तब और अधिक भावनात्मक रूप ले लिया जब अस्पताल से अभिज्ञान के पिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वह अपने बेटे के पार्थिव शरीर के पास बैठकर उसे बार-बार पुकारते और जगाने की कोशिश करते दिखाई दिए। इस दृश्य ने लोगों को भावुक कर दिया और सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

घटना के बाद सार्वजनिक सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि तीर्थस्थलों पर लगाए जाने वाले बिजली संचालित उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए। आलोचकों का आरोप है कि यदि समय-समय पर विद्युत सुरक्षा निरीक्षण किए जाते तो संभवतः इस तरह की दुखद घटना को टाला जा सकता था।

मामले ने वृंदावन जैसे उच्च फुटफॉल वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की स्थिति को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए जाने वाले वाटर कूलर, मिस्ट स्प्रे सिस्टम और अन्य उपकरणों की तकनीकी जांच नियमित रूप से होना आवश्यक है ताकि किसी प्रकार के विद्युत रिसाव या तकनीकी खराबी से लोगों की जान खतरे में न पड़े।

प्रशासनिक स्तर पर अब इस बात की जांच किए जाने की संभावना है कि कूलिंग यूनिट में करंट कैसे पहुंचा और क्या इसके पीछे किसी प्रकार की लापरवाही या रखरखाव में कमी जिम्मेदार थी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि उपकरणों की सुरक्षा जांच समय पर की गई थी या नहीं। इस हादसे के बाद मंदिरों और तीर्थस्थलों के आसपास स्थापित सार्वजनिक सुविधाओं का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग भी तेज हो गई है।

अभिज्ञान गुप्ता की मृत्यु केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि यह घटना उन व्यवस्थागत खामियों की ओर भी इशारा करती है जिनकी अनदेखी कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। एक युवा श्रद्धालु की धार्मिक यात्रा के दौरान हुई इस दर्दनाक मौत ने सार्वजनिक सुरक्षा, जवाबदेही और रखरखाव के मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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