UP पुलिस के सिपाही की 'घटिया' हरकत! ट्रेन से तकिया और कंबल चुराता पकड़ा गया 'भानू प्रताप सिंह'
ट्रेन के AC कोच में चोरी करते पकड़ा गया पुलिसकर्मी! प्रयागराज कुंभ ड्यूटी पर जा रहे फायर ब्रिगेड के सिपाही भानू प्रताप सिंह ने रेलवे की तकिया चुराई। रेलवे स्टाफ द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाने पर हाथ जोड़कर मांगता रहा माफी। खाकी को शर्मसार करने वाली इस घटना की पूरी कहानी पढ़ें, कैसे वर्दी के नीचे छिपी थी चोरी की नीयत।

भारतीय रेलवे के वातानुकूलित कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए चादर, कंबल और तकिया जैसी सुविधाएं आरामदायक सफर का हिस्सा होती हैं, लेकिन कुछ लोग इन सुविधाओं को अपनी निजी संपत्ति समझने की भूल कर बैठते हैं। अमूमन ऐसी छोटी चोरियों में आम नागरिकों के नाम सामने आते हैं, परंतु ताजा मामला बेहद चौंकाने वाला और गरिमा को तार-तार करने वाला है। एक पुलिसकर्मी, जिस पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, वही ट्रेन से सरकारी तकिया चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यह घटना न केवल विभाग के लिए शर्मिंदगी का सबब बनी है, बल्कि सुरक्षा और नैतिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
एक पुलिसवाला ट्रेन में तकिया और
— Anurag Verma ( PATEL ) (@AnuragVerma_SP) February 17, 2026
बेडशीट चुरा रहा था, पकड़ लिया गया.
इसके बाद उसे कानपुर स्टेशन पर
RPF को सौंप दिया गया.
पकड़े जाने पर पुलिस वाला हाथ
जोड़कर माफी मांग रहा है.
ट्रेन से अक्सर लोग तकिया और चादर चुराते हैं. इसके लिए 1 साल की सजा और 1 हजार जुर्माने का प्रावधान… pic.twitter.com/XmAgyfuZx8
घटना का केंद्र एक एक्सप्रेस ट्रेन का एसी कोच बना, जहां रेलवे स्टाफ को एक यात्री की गतिविधियों पर संदेह हुआ। वर्दी पहने और ऊपर से सफेद जैकेट डाले इस शख्स की जब तलाशी ली गई, तो उसकी हकीकत सामने आते देर नहीं लगी। स्टाफ ने जब उसके थैले की जांच की, तो उसमें से रेलवे की दो तकिए बरामद हुए। पकड़े जाने के बाद खुद को घिरा देख आरोपी पुलिसकर्मी तुरंत अपने रसूख को भूलकर हाथ जोड़ने लगा और मिन्नतें करने लगा। जांच में उसकी पहचान भानू प्रताप सिंह के रूप में हुई, जो फायर ब्रिगेड विभाग में तैनात है। वर्दी पर लगी नेम प्लेट ने उसकी पहचान की पुष्टि कर दी।
पूछताछ के दौरान जब रेलवे स्टाफ ने कड़ाई दिखाई, तो आरोपी ने बताया कि वह 'प्रयागराज कुंभ' में अपनी ड्यूटी के लिए जा रहा था। जब स्टाफ ने उस पर शराब के नशे में होने का संदेह जताया और सवाल किए, तो उसने पूरी तरह इनकार करते हुए कहा कि उसने शराब की एक बूंद भी नहीं छुई है। थैले में मिली तकियों के बारे में जब उससे जवाब मांगा गया, तो उसने एक बेतुका तर्क देते हुए कहा कि तकिए नीचे गिरे हुए थे, इसलिए उसने उन्हें उठा लिया था। हालांकि, रेलवे स्टाफ और वहां मौजूद यात्रियों के बीच उसकी यह दलील गले नहीं उतरी।
यह घटना सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिस कुंभ मेले की सुरक्षा और सुव्यवस्था के लिए हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, वहां जाने वाले एक सिपाही की इस 'घटिया' हरकत ने पूरे महकमे की छवि धूमिल की है। रेलवे स्टाफ द्वारा पकड़े जाने के बाद उस पर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला याद दिलाता है कि कानून की रक्षा करने वालों का आचरण आम आदमी से अधिक अनुशासित होना चाहिए, क्योंकि जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में आते हैं, तो जनता का विश्वास डगमगा जाता है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
