सोशल मीडिया पर 'मनी फ्लेक्स' पड़ा भारी ; बच्चे ने बीच गाने में फाड़ा ₹500 का नोट, देखें वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ‘पैसा-पैसा’ गाने के बीच परिवार नकदी का प्रदर्शन करता दिखा, तभी एक बच्चे ने ₹500 का नोट फाड़ दिया। वीडियो की सत्यता संदिग्ध है, लेकिन इस घटना ने कानून और सामाजिक मूल्यों को लेकर बहस छेड़ दी है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का एक दृश्य जिसमें एक परिवार नकदी के साथ दिख रहा है
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक वीडियो इन दिनों चर्चा का केंद्र बन गया है, जिसमें एक परिवार खुलेआम नकदी के बंडलों का प्रदर्शन करता नजर आता है। वीडियो में बैकग्राउंड में ‘पैसा-पैसा’ गाना बज रहा है और परिवार कैमरे के सामने अपने धन का प्रदर्शन करता दिखाई देता है। लेकिन इसी दौरान अचानक एक छोटा बच्चा ₹500 का नोट उठाकर उसे फाड़ देता है, जिससे वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह जाते हैं। यही अप्रत्याशित क्षण इस वीडियो को वायरल बना रहा है।
वीडियो में दिख रहा यह घटनाक्रम जितना चौंकाने वाला है, उतना ही सवालों से भी घिरा हुआ है। अब तक किसी भी प्रमुख समाचार माध्यम ने इस वीडियो की पुष्टि नहीं की है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कहां का है, इसमें दिख रहा परिवार कौन है, और यह पूरा घटनाक्रम वास्तविक है या केवल सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित करने के लिए रचा गया एक दृश्य। वर्तमान डिजिटल दौर में इस तरह के “मनी फ्लेक्स” वाले वीडियो अक्सर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं पाने और व्यूज़ बढ़ाने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं, जिससे इस वीडियो की प्रामाणिकता पर भी संदेह बना हुआ है।
A family flexes Cash on Paisa Paisa. Little boy suddenly tears Rs 500 note, bringing an unexpected twist. pic.twitter.com/RqaoBXhPjU
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) April 16, 2026
हालांकि, वीडियो में दिखाई गई एक बात गंभीर कानूनी पहलू भी उजागर करती है। भारतीय कानून के अनुसार मुद्रा को नुकसान पहुंचाना या उसे फाड़ना एक दंडनीय अपराध माना जाता है। ऐसे में, यदि यह घटना वास्तविक है, तो यह केवल एक वायरल क्षण नहीं बल्कि कानून के उल्लंघन का मामला भी बन सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर बहस को जन्म दे दिया है, जहां एक ओर लोग इस वीडियो को हैरानी और मनोरंजन के नजरिए से देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इस तरह का प्रदर्शन समाज में गलत संदेश नहीं देता। धन के प्रदर्शन और उसके प्रति असंवेदनशीलता का यह दृश्य एक व्यापक सामाजिक विमर्श को जन्म देता है, जो केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि हमारे समय की डिजिटल संस्कृति और मूल्यों पर भी सवाल खड़े करता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
