हरियाणा में पड़ रही भीषण गर्मी और 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें 75 वर्षीय आध्यात्मिक गुरु संत रामपाल महाराज को मोबाइल कूलरों और ट्रॉलियों के साथ चलते हुए देखा जा रहा है। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा और प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं।

यह वीडियो मंगलवार तड़के X (ट्विटर) पर उपयोगकर्ता @GaurangBhardwa1 द्वारा साझा किया गया। पोस्ट के साथ लिखा गया: “इस तरह कूलर तो देश का प्रधानमंत्री भी साथ में लेकर नहीं चलता, भारत एक बाबा प्रधान देश है।” इस टिप्पणी के बाद वीडियो पर बहस तेज हो गई और इसे हजारों लोगों ने देखा और साझा किया।

वायरल वीडियो में संत रामपाल जी महाराज को गर्मी से बचाव के लिए कथित रूप से मोबाइल कूलरों और ट्रॉलियों के साथ चलते हुए दिखाया गया है। हरियाणा में इस समय 45°C से अधिक तापमान और भीषण लू की स्थिति बनी हुई है, जिसके बीच यह दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया। वीडियो पर कई उपयोगकर्ताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दीं। कुछ ने इसे व्यंग्यात्मक रूप में देखा, जबकि कुछ ने इसे व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से जोड़ा।


एक उपयोगकर्ता सीमा सिंधु ने लिखा, “बाबा अब नेताओं के लिए बड़ी प्रतिस्पर्धा बन गए हैं।”

एक अन्य टिप्पणी में कहा गया, “एक गर्भवती महिला इससे ज्यादा आसानी से चलती है… भ्रष्टाचार, अस्वस्थ भोजन, मुफ्त शराब।”

एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, “देश पूरी तरह बर्बाद हो चुका है और लोग इसे समझ भी नहीं रहे हैं। दुखद।” इन टिप्पणियों के बाद यह वीडियो केवल एक दृश्य नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर चर्चा, आलोचना और व्यंग्य का विषय बन गया।



संत रामपाल महाराज हरियाणा आधारित एक आध्यात्मिक गुरु हैं, जो सतलोक आश्रम का संचालन करते हैं। वे कबीर पंथ की शिक्षाओं का प्रचार करते हैं और स्वयं को शास्त्र आधारित आध्यात्मिक ज्ञान का प्रवक्ता बताते हैं। उनके अनुयायी उन्हें एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर धार्मिक व्याख्याओं और अनुयायी संगठन को लेकर विवादित दृष्टि रखते हैं।


संत रामपाल महाराज से जुड़ा सबसे बड़ा कानूनी विवाद वर्ष 2014 में सामने आया, जब अदालत की अवमानना (contempt of court) के मामले में उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी हुए। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने हिसार स्थित सतलोक आश्रम में कार्रवाई की। इस दौरान आश्रम परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई और पुलिस तथा समर्थकों के बीच टकराव हुआ। इस घटना में हिंसा के दौरान कई लोगों की मौत और कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई। यह मामला लंबे समय तक न्यायिक और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बना रहा।


यह वायरल वीडियो एक बार फिर संतों, उनके अनुयायियों और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपस्थिति को लेकर बहस को सामने ले आया है। एक ओर इसे भीषण गर्मी में सुरक्षा व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह सोशल मीडिया पर व्यंग्य और आलोचना का विषय बन गया है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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