सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद आरोपी के परिवार द्वारा रेस्तरां में पार्टी करने का फुटेज सामने आने पर पीड़ितों के परिजनों ने आपत्ति जताई है।

Pune porsche crash bail celebration : साल 2024 के बहुचर्चित पुणे पोर्श कार हादसे के करीब दो साल बाद एक ऐसा सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसने इस भयावह हादसे के जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। 19 मई 2024 की उस काली रात को एक रईसजादे की तेज रफ्तार पोर्श कार ने दो होनहार आईटी इंजीनियरों, अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की जिंदगी को बेरहमी से कुचल दिया था। अब इस हादसे के मुख्य आरोपी वेदांत अग्रवाल के बिल्डर पिता विशाल अग्रवाल की जमानत मिलने के बाद परिवार के साथ एक आलीशान रेस्तरां में पार्टी मनाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो के सामने आते ही देश भर के नागरिकों और विशेषकर पीड़ितों के परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया है। इसे न्याय व्यवस्था का खुल्लम-खुल्ला मखौल बताते हुए पीड़ित परिवारों ने आरोपी की जमानत को तुरंत रद्द करने की मांग तेज कर दी है, जिसने इस पूरे मामले को एक बार फिर देश के सबसे बड़े विधिक और नैतिक विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है।

इस पूरे कानूनी घटनाक्रम और वायरल वीडियो की पृष्ठभूमि को देखें तो आरोपी विशाल अग्रवाल को करीब 22 महीनों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने ब्लड सैंपल की अदला-बदली और सबूतों से छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों के तहत हिरासत में लिए गए विशाल अग्रवाल को नियमित जमानत प्रदान की थी। न्यायिक राहत मिलने के महज कुछ ही घंटों के भीतर सामने आए इस वीडियो में आरोपी का पूरा परिवार एक रेस्तरां में बेहद खुश और जश्न के माहौल में डूबा नजर आ रहा है। एक तरफ जहां आरोपी पक्ष इस कानूनी राहत को अपनी बड़ी जीत के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सार्वजनिक होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। नेटिजंस का कहना है कि यह जश्न उन दो मासूम जिंदगियों की मौत का अपमान है जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी भी नहीं देखी थी।

कानूनी और विधिक प्रक्रियाओं के लिहाज से यह पूरा मामला शुरू से ही बेहद पेचीदा और कई मोड़ों से भरा रहा है। पुणे के कल्याणी नगर में हुए इस दिल दहला देने वाले हादसे के समय कार चला रहा आरोपी वेदांत अग्रवाल नाबालिग था और कथित तौर पर भारी नशे में था। इसके बाद मामले को रफा-दफा करने के लिए ब्लड सैंपल बदलने, डॉक्टरों को रिश्वत देने और पारिवारिक रसूख का इस्तेमाल कर साजिश रचने के संगीन आरोप लगे थे, जिसके बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) और आपराधिक साजिश के तहत पिता विशाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में यह पूरा मुकदमा पुणे की सेशंस कोर्ट में लंबित है, जहां अभी भी ट्रायल की प्रक्रिया चल रही है। कानूनी जानकारों का मानना है कि भले ही सुप्रीम कोर्ट ने तकनीकी आधार पर जमानत दे दी हो, लेकिन इस तरह के वीडियो अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष के दावों को सामाजिक रूप से मजबूत करते हैं कि आरोपी पक्ष को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।

इस वायरल वीडियो के बाद आई प्रतिक्रियाओं ने मृत इंजीनियरों के माता-पिता की अंतहीन पीड़ा को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। पीड़ितों के परिजनों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि यह वीडियो उनके दुख का मजाक उड़ाने जैसा है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और संबंधित विधिक एजेंसियों से अपील की है कि इस जश्न को आधार बनाकर आरोपी की जमानत को रद्द करने के लिए तत्काल प्रभाव से पुनर्विचार याचिका दायर की जाए।

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे गहरा और गंभीर प्रभाव भारतीय न्याय व्यवस्था और वीआईपी संस्कृति (VIP Culture) के प्रति आम जनता के भरोसे पर पड़ता दिखाई दे रहा है। एक रसूखदार परिवार द्वारा कानून की आंखों में धूल झोंकने के प्रयासों के बाद मिले इस जश्न के फुटेज ने यह साबित कर दिया है कि कानूनी लड़ाई केवल अदालतों के कमरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसका एक बड़ा सामाजिक और मानवीय पहलू भी होता है। अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि पुणे सेशंस कोर्ट में चल रहे इस मुकदमे पर इस जन-आक्रोश का क्या असर पड़ता है और क्या देश की अदालतें पीड़ित परिवारों को वह मुकम्मल न्याय दिला पाती हैं, जिसकी आस में वे पिछले दो वर्षों से अपनी आंखें मूंदे बैठे हैं।

Updated On 27 May 2026 7:13 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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