प्रेम बाईसा डेथ मिस्ट्री: मौत या हत्या? वायरल वीडियो के बाद बिगड़े हालात; जानिए उस खौफनाक रात की पूरी कहानी
राजस्थान की मशहूर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर में संदिग्ध मौत। वायरल वीडियो विवाद, 20 लाख की ब्लैकमेलिंग और मौत के बाद 'न्याय' की मांग वाली इंस्टाग्राम पोस्ट ने मामले को बनाया रहस्यमयी। क्या चरित्र हनन और मानसिक प्रताड़ना बनी मौत की वजह? जानिए पिता महंत वीरमनाथ के साथ वायरल वीडियो का पूरा सच और साध्वी की अंतिम अग्नि परीक्षा की कहानी।

Sadhvi Prem Baisa Death Reason : राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक और भजन गायिका साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। आध्यात्मिक जगत की एक उभरती हुई आवाज, जो लाखों श्रद्धालुओं के दिलों पर राज करती थी, बुधवार को जोधपुर के प्रेक्षा अस्पताल में 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल लाने से पहले मृत) घोषित कर दी गई। मौत के कुछ घंटों बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से हुई एक रहस्यमयी पोस्ट— "जीते जी नहीं, जाने के बाद मिलेगा न्याय"— ने इस पूरी घटना को एक सनसनीखेज मोड़ दे दिया है।
घटनाक्रम: मौत या मानसिक प्रताड़ना की परिणति ?
28 जनवरी 2026 की शाम, आरती नगर स्थित आश्रम से साध्वी को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, प्रेम बाईसा पिछले कई महीनों से गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रही थीं। उनकी मौत के पीछे उस 'वायरल वीडियो' विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है, जिसने उनके चरित्र और मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए थे।
विवाद की जड़: क्या था वह 'वायरल वीडियो' ?
जुलाई 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हुई थी, जिसमें साध्वी एक व्यक्ति के गले मिलती नजर आ रही थीं।
- साजिश का आरोप: साध्वी ने स्पष्ट किया था कि वह व्यक्ति उनके पिता और गुरु, महंत वीरमनाथ थे। उन्होंने इसे पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को बदनाम करने वाली एक 'एडिटेड' साजिश बताया था।
- ब्लैकमेलिंग का खेल: साध्वी ने जोधपुर के बोरानाडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वीडियो वायरल करने से पहले उनसे 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पैसे न देने पर उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए वीडियो को गलत संदर्भ में फैलाया गया।
- अग्नि परीक्षा की गुहार: खुद को निर्दोष साबित करने के लिए उन्होंने देश के बड़े संतों और जगतगुरु शंकराचार्य को पत्र लिखकर 'अग्नि परीक्षा' देने तक की इच्छा जताई थी।
रहस्यमयी इंस्टाग्राम पोस्ट: मौत के बाद कौन था सक्रिय?
साध्वी के निधन के बाद उनके सोशल मीडिया पर आए आखिरी संदेश ने जांच एजेंसियों को उलझा दिया है। पोस्ट में लिखा गया:
"मैंने अंतिम श्वास तक सनातन के लिए जिया। मैंने अग्नि परीक्षा के लिए संतों से निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? जीते जी नहीं, तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।"
दावा किया जा रहा है कि यह पोस्ट मौत के करीब 4 घंटे बाद अपलोड की गई। सवाल उठ रहे हैं कि क्या उनका अकाउंट हैक किया गया था या उनकी मौत के पीछे कोई और है जो 'न्याय' की इस मांग को हवा दे रहा है?
विधिक पहलू और जांच :
पुलिस ने फिलहाल इस मामले को संदिग्ध मौत की श्रेणी में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत की असली वजह (दम घुटना, जहर या हृदय गति रुकना) का खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
- डिजिटल फॉरेंसिक: पुलिस साध्वी के मोबाइल फोन और उस वायरल वीडियो के मूल स्रोत की जांच कर रही है ताकि ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश हो सके।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
