Payal Gaming Viral Video... फैलाया गया फेक MMS, महाराष्ट्र साइबर सेल ने बताई फिशिंग स्कैम की संभावना
दिसंबर 2025 में पॉपुलर गेमर पायल धरे पर वायरल हुआ फेक "MMS" वीडियो, जिसमें उनका नाम गलत तरीके से जोड़ा गया। महाराष्ट्र साइबर सेल ने पुष्टि की कि वीडियो एआई-जनित डीपफेक है। पायल ने कानूनी कार्रवाई की और पुलिस ने वीडियो साझा करने पर कार्रवाई की चेतावनी जारी की।

दिसंबर 2025 में भारत की चर्चित महिला गेमर पायल धरे, जिन्हें पायल गेमिंग के नाम से जाना जाता है, अचानक एक सोशल मीडिया विवाद के केंद्र में आ गईं। विवादित वीडियो, जिसे "पायल गेमिंग दुबई MMS" के नाम से वायरल किया गया, पूरी तरह से फेक और एआई-जनित निकला। पायल ने स्पष्ट किया है कि वीडियो में दिखाई गई महिला वह नहीं हैं।
महाराष्ट्र पुलिस साइबर सेल द्वारा की गई जांच में भी पुष्टि हुई कि यह वीडियो पूरी तरह से डीपफेक तकनीक से बनाया गया था और इसका उद्देश्य पायल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था। पायल ने 17 दिसंबर 2025 को इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे "पीड़ादायक," "मानवता के खिलाफ" तथा उनके नाम से "गलत तरीके से जोड़ा गया" बताया।
इस घटना के तुरंत बाद पायल ने साइबर सेल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। महाराष्ट्र पुलिस ने भी आगाह किया कि इस वीडियो को साझा करना या पुनः प्रसारित करना कानूनन अपराध है और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत जुर्माने और जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
इस घटना की पृष्ठभूमि भी ध्यान देने योग्य है। यह वीडियो तब वायरल हुआ जब पायल धरे ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के भारत और ऑस्ट्रेलिया के सेमीफाइनल मैच के दौरान दर्शकों में 'वायरल गर्ल' के रूप में सुर्खियों में आई थीं। डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे वीडियो अक्सर क्लिकबेट, फिशिंग स्कैम या डिजिटल अपराध के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
पायल धरे छत्तीसगढ़ की प्रमुख महिला गेमर हैं, जिनके यूट्यूब चैनल पर 4 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं। वे BGMI (बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया) स्ट्रीम्स के लिए जानी जाती हैं और 3 मिलियन सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय महिला गेमर हैं। 2024 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी एक गेमिंग समिट के दौरान मुलाकात का अवसर मिला था। पायल S8UL Esports की प्रमुख सदस्य भी हैं और भारतीय गेमिंग समुदाय में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
इस पूरे मामले ने गेमिंग और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में फैले साइबर खतरों और डीपफेक तकनीक के गलत इस्तेमाल की गंभीरता को फिर से उजागर किया है। पायल धरे का यह कदम न केवल व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि युवा डिजिटल समुदाय के लिए भी चेतावनी का संदेश है।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
