मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति, जो पहले से ही सत्ता संघर्ष और दलबदल के दौर से गुजर रही है, एक बार फिर एक बेहद संवेदनशील और गंभीर विवाद के केंद्र में आ गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और वर्तमान विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरी झिरवाल का एक कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। अशोख खरात कांड, जो की सत्ताधारी नेताओं से संलग्नित पाया गया। उसके बाद मंत्रालय के रिश्वत कांड जैसी घटनाओं से जूझ रहे सत्ता पक्ष के लिए झिरवाल का यह विवाद एक नई और बड़ी मुसीबत बनकर उभरा है। बजट सत्र के समापन के दिन सार्वजनिक हुए इस वीडियो ने न केवल सरकार की छवि पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि नैतिकता के मुद्दे पर भी नई बहस छेड़ दी है।

विवाद की जड़ वह वीडियो है जिसमें नरहरी झिरवाल जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति किसी सरकारी विश्राम गृह (गवर्नमेंट गेस्ट हाउस) के कमरे में बिस्तर पर लेटा हुआ दिखाई दे रहा है। फुटेज में कमरे के भीतर एक कर्मचारी की आवाजाही के साथ-साथ बिस्तर के पास खाद्य सामग्री और कथित तौर पर शराब की बोतलें भी नजर आ रही हैं। इस पूरे दृश्य में सबसे चौंकाने वाली बात एक ट्रांसजेंडर महिला की उपस्थिति है, जिसे लेकर अब कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता की अभी तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और चर्चा है कि यह दृश्य लगभग सात महीने पुराना हो सकता है।

इस पूरे प्रकरण में एक नया मोड़ तब आया जब वीडियो में दिख रही ट्रांसजेंडर महिला की पहचान पवन यादव के रूप में हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले को उजागर करने वाला कोई और नहीं बल्कि पवन यादव का सगा भाई रवि यादव है। रवि यादव ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पवन यादव डराने-धमकाने और जबरन वसूली (हफ्ता वसूली) जैसे अवैध कार्यों में लिप्त है और उसके खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में रंगदारी के कई मामले पहले से ही दर्ज हैं। इस खुलासे ने मामले को व्यक्तिगत नैतिकता से बढ़ाकर एक गंभीर आपराधिक सांठगांठ की ओर मोड़ दिया है, जिससे मंत्री झिरवाल की मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं।

नाशिक के डिंडोरी से प्रतिनिधित्व करने वाले और आदिवासी समाज के एक सादगीपूर्ण चेहरे के रूप में पहचाने जाने वाले नरहरी झिरवाल के लिए यह विवाद उनकी दशकों की राजनीतिक साख पर बड़ा प्रहार है। अजीत पवार गुट के साथ खड़े झिरवाल पहले भी कुछ प्रशासनिक विवादों में घिरे रहे हैं, लेकिन इस बार का वीडियो कांड सीधे उनके चरित्र और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाता है। राज्य की कानून व्यवस्था और सरकारी विश्राम गृहों में बाहरी व्यक्तियों की अनियंत्रित आवाजाही को लेकर भी अब विपक्ष हमलावर है।

जैसे-जैसे यह मामला तूल पकड़ रहा है, राज्य की राजनीति में आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों पर इसके गहरे प्रभाव पड़ने की प्रबल संभावना है। एक ओर जहां प्रशासन इस वीडियो की सत्यता की जांच में जुट सकता है, वहीं दूसरी ओर नैतिकता और सार्वजनिक जीवन की शुचिता के नाम पर झिरवाल से इस्तीफे की मांग भी तेज हो सकती है। यह घटनाक्रम केवल एक व्यक्ति के पतन की कहानी नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र की सत्ता के गलियारों में छिपे उन अनकहे सच और सुरक्षा खामियों की ओर भी इशारा करता है, जिनका जवाब देना वर्तमान सरकार के लिए किसी कड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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