प्रयागराज कुंभ मेले में रुद्राक्ष माला बेचते हुए अपनी मासूम मुस्कान और सादगी से इंटरनेट पर रातों-रात वायरल हुई मोनालिसा भोसले अब एक जटिल कानूनी विवाद के केंद्र में आ गई हैं। केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में उनके द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की आशंका जताई थी।

हाई कोर्ट ने एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को स्पष्ट निर्देश दिया कि मोनालिसा भोसले को तत्काल और पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही अदालत ने केरल सरकार और संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को निर्धारित की गई है।

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में मोनालिसा भोसले और मोहम्मद फार्मान का विवाह प्रमुख केंद्र में है, जिसने मध्य प्रदेश और केरल दोनों राज्यों में कानूनी हलचल पैदा कर दी है। फार्मान के खिलाफ मध्य प्रदेश में किडनैपिंग का मामला दर्ज किया गया है, जो मोनालिसा के पिता की शिकायत पर आधारित है। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी नाबालिग है और उसे बिना वैध सहमति के अपने साथ ले जाया गया।

इससे पहले भी केरल हाई कोर्ट ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की थी कि उपलब्ध दस्तावेजों और परिस्थितियों के आधार पर मोनालिसा प्रथम दृष्टया बालिग प्रतीत होती हैं। इसी आधार पर अदालत ने मोहम्मद फार्मान को एक महीने की ट्रांजिट अग्रिम जमानत भी प्रदान की थी, हालांकि मामले की विस्तृत जांच जारी रखने के संकेत दिए गए थे।

मोनालिसा भोसले उस समय चर्चा में आई थीं जब प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान उनके रुद्राक्ष माला बेचने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। इसके बाद उनकी जिंदगी अचानक बदल गई और वह राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गईं। इसी दौरान उनका विवाह मोहम्मद फार्मान से केरल में हुआ, जिसके बाद यह मामला पारिवारिक विवाद से आगे बढ़कर कानूनी संघर्ष में बदल गया।

विवाद का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि एक ओर परिवार उनकी आयु और सहमति को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस संबंध को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आपसी सहमति का मामला बताया जा रहा है। इसी बीच अदालत के समक्ष सुरक्षा की मांग को लेकर मोनालिसा की याचिका ने पूरे प्रकरण को और संवेदनशील बना दिया है।

यह मामला अब केवल एक विवाह विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आयु निर्धारण, सहमति, अपहरण के आरोप, अंतर-राज्यीय न्यायिक अधिकार क्षेत्र और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे गंभीर कानूनी प्रश्न भी जुड़ गए हैं। केरल और मध्य प्रदेश की अलग-अलग कानूनी कार्रवाइयों के बीच यह मामला न्यायिक दृष्टि से और अधिक जटिल होता जा रहा है। कुल मिलाकर यह प्रकरण एक ऐसी कहानी बन चुका है, जिसमें सोशल मीडिया की वायरल प्रसिद्धि, पारिवारिक आरोप-प्रत्यारोप और न्यायिक प्रक्रिया एक साथ सामने आकर एक संवेदनशील कानूनी लड़ाई का रूप ले चुके हैं, जिसकी अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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