उद्घाटन के कुछ ही देर बाद कचरे में दबा चार्जिंग पॉइंट ; मनाली की इस वायरल वीडियो पर भड़के लोग
मनाली में पर्यटकों के लिए लगाया गया नया फोन चार्जिंग स्टेशन लॉन्च के कुछ ही घंटों में कूड़े से भर गया। वायरल वीडियो ने नागरिक जिम्मेदारी, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नए फोन चार्जिंग स्टेशन पर लोगों द्वारा फेंका गया प्लास्टिक कचरा
मनाली में पर्यटकों की सुविधा के लिए स्थापित किया गया एक सार्वजनिक फोन चार्जिंग स्टेशन अपने उद्घाटन के कुछ ही घंटों के भीतर कूड़े के ढेर में दब गया, जिसने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि नागरिक जिम्मेदारी पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यह घटना उस समय सामने आई जब पहाड़ी राज्य में पर्यटन सीजन अपने चरम पर है और सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा यह चार्जिंग स्टेशन खासतौर पर पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए लगाया गया था, ताकि वे यात्रा के दौरान अपने मोबाइल उपकरण आसानी से चार्ज कर सकें। हालांकि, शनिवार सुबह स्थानीय निवासी निखिल सैनी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो ने इस पहल की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। वीडियो में देखा गया कि नया स्टेशन पूरी तरह कूड़े से भर चुका है, जबकि उसके आसपास डस्टबिन भी मौजूद थे और क्षेत्र सामान्यतः साफ-सुथरा माना जाता है।
Himachal govt installs a charging point in Manali for tourists to charge phones and gadgets, and within hours people turn it into a dustbin. No Swachh Bharat or any scheme can fix this nation, only an iron fist policy can bring change. pic.twitter.com/EyTuv0eqn2
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) May 2, 2026
इस घटना के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। कई उपयोगकर्ताओं ने सार्वजनिक सुविधाओं के इस प्रकार के दुरुपयोग पर नाराजगी जताते हुए सख्त नियमों और जुर्माने की मांग की। वहीं, मोहनदास पाई जैसे प्रमुख व्यक्तियों ने बेहतर योजना की जरूरत पर जोर देते हुए अतिरिक्त डस्टबिन और प्रभावी प्रबंधन की बात कही। कुछ यूजर्स ने नागरिकों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि सुविधाएं उपलब्ध कराना संभव है, लेकिन उनका सही उपयोग करना लोगों की जिम्मेदारी है।
Manali’s “mobile charging points” on Mall Road — now proudly serving as dustbins 🚮
— The Modern Himachal (@themodernhp) May 2, 2026
You can give people facilities… not the sense to use them. pic.twitter.com/rPLuuIetFv
यह घटना केवल एक स्थान विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों पर देखी जाने वाली एक व्यापक समस्या को उजागर करती है, जहां नई सुविधाएं अक्सर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित कचरा प्रबंधन के कारण अपनी उपयोगिता खो देती हैं। प्रशासनिक स्तर पर स्वच्छता और सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयास तब तक प्रभावी नहीं हो सकते, जब तक नागरिकों में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित नहीं होती।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना पर्याप्त नहीं है। यदि सार्वजनिक संपत्ति के प्रति जिम्मेदारी का भाव नहीं होगा, तो ऐसे प्रयास बार-बार विफल होते रहेंगे। मनाली की यह घटना एक चेतावनी के रूप में सामने आई है, जो यह संकेत देती है कि विकास के साथ-साथ व्यवहारिक बदलाव भी उतना ही आवश्यक है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
