डूबारे हाथी शिविर में खौफनाक हादसा ; 2 हाथियों की भिड़ंत में महिला पर्यटक की मौत
कर्नाटक के कोडागु स्थित डूबारे हाथी शिविर में स्नान सत्र के दौरान दो प्रशिक्षित हाथियों के बीच हुई हिंसक भिड़ंत में तमिलनाडु की 33 वर्षीय महिला पर्यटक की दर्दनाक मौत हो गई। हाथी गिरने के बाद उसे कुचल गया। घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है।

कोडागु के डूबारे हाथी शिविर में हाथियों की आपसी लड़ाई में पर्यटक की मौत
कर्नाटक के कोडागु जिले स्थित प्रसिद्ध डूबारे हाथी शिविर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाथियों के स्नान सत्र के दौरान दो प्रशिक्षित हाथियों के बीच अचानक हिंसक टकराव हो गया। यह घटना एक ऐसे पल में घटी जब बड़ी संख्या में पर्यटक इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए मौजूद थे। इसी दौरान तमिलनाडु की एक महिला पर्यटक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया।
जानकारी के अनुसार, 33 वर्षीय चेन्नई निवासी ज्युनेश डूबारे हाथी शिविर में हाथियों के स्नान का दृश्य देखने पहुंची थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्नान के दौरान एक हाथी ‘कंचन’ ने दूसरे हाथी ‘महारथंडा’ पर अचानक हमला कर दिया। दोनों हाथियों के बीच यह संघर्ष इतना तेज हो गया कि महावतों के नियंत्रण के प्रयास भी विफल साबित हुए और स्थिति बेकाबू हो गई।
Today, a tragic incident at Dubare Elephant Camp in Kodagu district, Karnataka, India.
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) May 18, 2026
A 33-year-old tourist died after a temporary structure collapsed during an elephant bathing session following a clash between two elephants. pic.twitter.com/lfKJ5tpM6i
हाथियों की इस हिंसक झड़प के दौरान एक हाथी का संतुलन बिगड़ गया और वह पर्यटकों की ओर गिर पड़ा। इसी दौरान ज्युनेश उसकी चपेट में आ गईं। बताया गया कि गिरने के बाद हाथी महारथंडा ने उठने की कोशिश में उन्हें दोबारा कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद पर्यटकों में दहशत फैल गई और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद कर्नाटक वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री ईश्वर बी. खांद्रे ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रशासन की ओर से मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और हाथी शिविर में सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा शुरू कर दी गई है।
इसी बीच हाल के दिनों में केरल से भी हाथियों से जुड़े कई गंभीर हादसे सामने आए हैं। एर्नाकुलम के अंगमाली क्षेत्र के एक मंदिर में एक पालतू हाथी अचानक उग्र हो गया था, जिसमें एक लॉरी चालक की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए थे। वहीं, इसी दिन त्रिशूर के इरिंजालकुड़ा मंदिर में एक और घटना में हाथी के हमले से एक महावत की जान चली गई थी। डूबारे हाथी शिविर जैसी लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर हुई यह घटना एक बार फिर इस प्रश्न को सामने लाती है कि क्या वन्यजीवों के इतने करीब पर्यटकों की मौजूदगी पर्याप्त सुरक्षा मानकों के साथ सुरक्षित है या नहीं। यह हादसा न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन की गंभीरता पर भी बड़ा सवाल छोड़ गया है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
