कर्नाटक के मांड्या जिले के मुथथी क्षेत्र में स्थित कावेरी नदी में बुधवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार के पाँच लोगों की डूबने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब परिवार मंदिर दर्शन और घूमने के बाद नदी किनारे नहाने और फोटोग्राफी के लिए उतरा था। तेज और अनियंत्रित जलधारा ने कुछ ही पलों में पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया और खुशियों से भरा यह सैर-सपाटा एक भयावह त्रासदी में बदल गया।

जानकारी के अनुसार, मृतक सभी लोग बयादरहल्ली, चन्नपटना तालुक के निवासी थे और मुथथी स्थित मत्तेथथाराय स्वामी मंदिर के दर्शन और पर्यटन के लिए आए थे। शाम करीब 5 बजे से 6 बजे के बीच, सभी लोग मंदिर दर्शन के बाद कावेरी नदी के किनारे पहुंचे। यहां उन्होंने घूमने, फोटो लेने और नहाने के लिए पानी में उतरने का निर्णय लिया। इसी दौरान नदी का तेज बहाव और छिपी हुई भंवरधाराओं ने उन्हें अपनी ओर खींच लिया।



इस हादसे में विजयम्मा (50), श्वेता (38), प्रिया (28), चैत्रा (20) और ड्राइवर महेश की मौत हो गई। सभी लोग एक ही परिवार से जुड़े बताए गए हैं और अचानक आए इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही कुछ लोग पानी में उतरे, वे तेज बहाव में बहने लगे, जिसके बाद अन्य लोग उन्हें बचाने की कोशिश में आगे बढ़े, लेकिन यह प्रयास भी उन्हें बचा नहीं सका और यह घटना एक श्रृंखलाबद्ध डूबने की दुर्घटना बन गई।

घटना की जानकारी मिलते ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी पाँचों शवों को कावेरी नदी से बरामद कर लिया गया और उन्हें मांड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MIMS) अस्पताल पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में हलागुर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। मांड्या के पुलिस अधीक्षक ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि इस इलाके में पानी के भीतर अचानक गहराई, भंवर और तेज अंडरकरंट्स मौजूद हैं, जो अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनते हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या पीड़ितों ने सुरक्षा चेतावनियों की अनदेखी की या स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं।

मुथथी कावेरी नदी का यह हिस्सा पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है, खासकर सप्ताहांत और धार्मिक यात्राओं के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। हालांकि, यह इलाका उतना ही खतरनाक भी माना जाता है, क्योंकि यहां अचानक गहराई, छिपे हुए भंवर और तेज जलधाराएं अक्सर लोगों को संभलने का मौका नहीं देतीं। पिछले कई वर्षों में इस क्षेत्र में डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें अधिकतर मामलों में पर्यटकों द्वारा फोटो लेने या नहाने के दौरान सावधानी न बरतना मुख्य कारण रहा है।

यह दर्दनाक हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बनकर सामने आया है, बल्कि एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और जागरूकता व्यवस्था कितनी प्रभावी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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