भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार JEE Main 2017 में 360 में 360 अंक हासिल कर इतिहास रचने वाले कल्पित वीरवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके करियर के अप्रत्याशित मोड़ और सोशल मीडिया पर उभरे विवादों को लेकर है, जिसने उनकी सार्वजनिक छवि को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

कभी “परफेक्ट IIT सक्सेस स्टोरी” के रूप में देखे जाने वाले कलपित वीरवाल ने पारंपरिक कॉर्पोरेट और इंजीनियरिंग करियर से दूरी बना ली है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि IIT के बाद का पारंपरिक कॉर्पोरेट मार्ग उन्हें कभी आकर्षित नहीं कर पाया। अपनी असाधारण रैंक के कारण मिली लोकप्रियता का उपयोग करते हुए उन्होंने खुद को विभिन्न क्षेत्रों में आजमाया और अंततः संगीत को अपना करियर बनाने का निर्णय लिया। वर्तमान में वह एक सिंगर-सॉन्गराइटर के रूप में अपने गाने रिलीज कर रहे हैं और रचनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।



कलपित की यात्रा पारंपरिक अपेक्षाओं से अलग रही है। 2017 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने के बाद उन्होंने IIT में अध्ययन किया, जहां से आमतौर पर छात्रों का रुख कॉर्पोरेट प्लेसमेंट की ओर होता है। लेकिन उनका करियर एक सीधी दिशा में आगे नहीं बढ़ा। उन्होंने समय के साथ कई भूमिकाएं निभाईं शिक्षक के रूप में काम किया, अपने व्यवसाय खड़े किए, देशभर में वक्ता के रूप में सक्रिय रहे, निवेश किया और यात्रा की। अपने एक बयान में उन्होंने कहा कि वर्षों के दौरान उन्होंने शिक्षा, उद्यमिता, सार्वजनिक भाषण, निवेश और अब संगीत जैसे क्षेत्रों में काम किया है, जिससे उनकी करियर यात्रा बहुआयामी बन गई।

अपने हालिया वक्तव्यों में उन्होंने दोहराया कि “पारंपरिक कॉर्पोरेट IIT मार्ग कभी मुझे आकर्षित नहीं करता था, और मेरी रैंक के कारण मिली लोकप्रियता ने मुझे कई अलग-अलग करियर आजमाने का अवसर दिया।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अब वह पूरी तरह से संगीत और निवेश पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं तथा आने वाले समय में और नए गीत जारी करने की योजना बना रहे हैं। यह बदलाव उनके लिए व्यक्तिगत संतुष्टि और रचनात्मक अभिव्यक्ति की तलाश का परिणाम बताया जा रहा है।

इसी बीच, उनके नाम से जुड़ा एक तथाकथित “इंस्टाग्राम विवाद” भी चर्चा में आया था। 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और कुछ ऑनलाइन फोरम्स पर ऐसे दावे किए जा रहे थे कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर अनजान महिलाओं को संदेश भेजे, जिसके बाद उन्हें आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन दावों की पुष्टि किसी विश्वसनीय समाचार स्रोत द्वारा नहीं की गई है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत, पुलिस मामला या जांच सामने आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह विवाद मुख्यतः यूजर-जनरेटेड पोस्ट्स और अपुष्ट स्क्रीनशॉट्स पर आधारित है, जिसे प्रमाणित समाचार नहीं माना जा सकता।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला एक सोशल मीडिया विवाद के रूप में ही देखा जा रहा है, न कि किसी पुष्ट घोटाले के रूप में। चूंकि हाल ही में उनके करियर बदलाव की खबरें व्यापक रूप से चर्चा में हैं, ऐसे में पुराने और अपुष्ट दावे भी दोबारा सामने आ रहे हैं, जिससे यह विषय ट्रेंड करने लगा है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां कुछ लोग उनके व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं, वहीं अन्य इसे अप्रमाणित आरोप मानते हुए व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता का मुद्दा बता रहे हैं।

कलपित वीरवाल की यह कहानी एक ओर जहां पारंपरिक करियर धारणाओं को चुनौती देती है, वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाती है कि सार्वजनिक जीवन में लिए गए फैसले और ऑनलाइन चर्चाएं किस तरह किसी व्यक्ति की छवि को प्रभावित कर सकती हैं। उनका यह सफर न केवल सफलता की परिभाषा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि डिजिटल युग में किसी भी सार्वजनिक व्यक्तित्व के हर कदम पर समाज की पैनी नजर बनी रहती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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