पत्नी के लिए रखा ऐसा 'रॉयल सरप्राइज' ; वीडियो वायरल होते ही अचानक हुआ ये..
गुवाहाटी के कारोबारी गौतम बरुआ द्वारा पत्नी के 42वें जन्मदिन का जश्न नव-निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु पर मनाने का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। पुलिस ने गौतम बरुआ, उनकी पत्नी समेत 14 लोगों को गिरफ्तार कर कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।

कुमार भास्कर वर्मा सेतु पर जन्मदिन मनाने वाले 14 लोग गिरफ्तार
असम की राजधानी गुवाहाटी में एक जन्मदिन समारोह ने उस समय बड़ा विवाद खड़ा कर दिया जब ब्रह्मपुत्र नदी पर बने करोड़ों रुपये की लागत वाले नव-निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु को कथित तौर पर निजी पार्टी स्थल में बदल दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कारोबारी गौतम बरुआ, उनकी पत्नी और अन्य प्रतिभागियों समेत कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है और सार्वजनिक संपत्तियों के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 21 और 22 जून 2026 की दरम्यानी रात की है, जब गुवाहाटी के व्यवसायी गौतम बरुआ ने अपनी पत्नी के 42वें जन्मदिन के अवसर पर कुमार भास्कर वर्मा सेतु पर एक विशेष समारोह आयोजित किया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा गया कि पुल के एक हिस्से पर लाल कालीन बिछाई गई थी, जन्मदिन का केक काटा जा रहा था, गुब्बारों और अन्य सजावटी सामग्री से क्षेत्र को सजाया गया था तथा कई लग्जरी वाहन सड़क पर खड़े थे। समारोह में शामिल लोग पुल पर तस्वीरें खिंचवाते और जश्न मनाते भी दिखाई दिए।
वीडियो के वायरल होते ही लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि आखिर एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक पुल को निजी उत्सव के लिए कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया पर व्यापक बहस का विषय बन गया और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ने लगा।
What kind of society are we becoming, where a husband can't even celebrate his love for his wife in peace? 💔💔
— Being Political (@BeingPolitical1) June 24, 2026
Guwahati businessman Gautam Baruah was arrested after allegedly turning the newly inaugurated Kumar Bhaskar Varma Setu into a birthday party venue for his wife with… pic.twitter.com/ok993jAsW2
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें शुरुआत में इस आयोजन की कोई जानकारी नहीं थी। घटना का खुलासा तब हुआ जब समारोह के वीडियो इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित होने लगे। जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों में से एक की पहचान की और उसके आधार पर आयोजक तक पहुंची। इसके बाद गौतम बरुआ को पूछताछ के लिए बुलाया गया और आगे की जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भरालुमुख पुलिस थाने ने गौतम बरुआ, उनकी पत्नी और समारोह में शामिल 12 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकार कुल 14 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने समारोह में इस्तेमाल किए गए चार वाहनों को भी जब्त कर लिया, जिनमें लैंड रोवर डिफेंडर, मर्सिडीज, महिंद्रा स्कॉर्पियो और होंडा सिटी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें सार्वजनिक मार्ग पर खतरा या बाधा उत्पन्न करने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने तथा अन्य लोगों के जीवन और सुरक्षा को जोखिम में डालने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस निजी समारोह के लिए जानबूझकर यातायात को प्रभावित या बाधित किया गया था।
गुवाहाटी ट्रैफिक पुलिस के उपायुक्त जयंत सारथी बोरा ने कहा कि पुलिस गौतम बरुआ के उस दावे को स्वीकार नहीं करती जिसमें उन्होंने आयोजन को केवल पांच मिनट का बताया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़कें और पुल निजी समारोहों के लिए नहीं होते और इस प्रकार की गतिविधियां नागरिक जिम्मेदारी के मानकों के विपरीत हैं।
यह मामला इसलिए भी अधिक संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि कुमार भास्कर वर्मा सेतु असम की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है। यह पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ता है तथा आपातकालीन सेवाओं, दैनिक यात्रियों और माल परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की बाधा आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती थी। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि यदि कोई सामान्य नागरिक ऐसा करता तो क्या उसे भी समान छूट मिलती।
उल्लेखनीय है कि कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह करीब 1.24 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्स्ट्राडोज्ड पुल है और इसे पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज माना जाता है। आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक माना जाने वाला यह पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है।
24 जून 2026 तक गौतम बरुआ और अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी थी तथा पुलिस संभावित यातायात अवरोध और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही थी। यह मामला केवल एक जन्मदिन समारोह तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों के उपयोग, कानून के समान अनुपालन और प्रभावशाली व्यक्तियों की जवाबदेही को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन चुका है। वायरल वीडियो के कारण सामने आया यह प्रकरण अब इस बात की कसौटी माना जा रहा है कि क्या सार्वजनिक अवसंरचना का निजी उपयोग करने वालों के खिलाफ कानून समान रूप से लागू किया जाएगा।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
