पाटीदार रस केंद्र पर छापेमारी के दौरान 2,025 किलोग्राम कीड़े लगे आम और 230 किलोग्राम दूषित पल्प बरामद; एफएसएसएआई नियमों के तहत स्टॉक किया गया नष्ट।

Mehsana Food Safety Raid : गुजरात के मेहसाणा जिले से जनस्वास्थ्य को ताक पर रखकर मुनाफे का धंधा करने का एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने आम के इस पीक सीजन में जूस प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय स्तर पर संचालित 'पाटीदार रस केंद्र' पर अचानक छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के सामने जो हकीकत आई, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। टीम ने मौके से भारी मात्रा में ऐसा कच्चा माल जब्त किया जो सीधे तौर पर इंसानी सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने इलाके के खाद्य व्यापारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है और मिलावटखोरों के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया है।

इस पूरी छापेमारी का नेतृत्व कर रहे खाद्य सुरक्षा अधिकारी वी.जे. चौधरी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पाटीदार रस केंद्र के परिसर की गहन तलाशी के दौरान अधिकारियों को २,०२५ किलोग्राम सड़े हुए और कीड़ों से भरे आम बरामद हुए, जिन्हें जूस और मैंगो शेक तैयार करने के लिए जमा करके रखा गया था। इसके साथ ही मौके से २३० किलोग्राम ऐसा घटिया और दूषित मैंगो पल्प (आम का गूदा) भी मिला, जो पूरी तरह से मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त और अत्यधिक हानिकारक था। खाद्य सुरक्षा नियमों (FSSAI Guidelines) का कड़ाई से पालन करते हुए अधिकारी चौधरी की देखरेख में इस पूरे २ टन से अधिक के दूषित स्टॉक और पल्प को तुरंत जब्त कर लिया गया और बिना कोई देरी किए मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया, ताकि इसे बाजार में खपाया न जा सके।

इस गंभीर लापरवाही और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ के मामले की पुष्टि करते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इस कीड़े लगे आमों का एक वीडियो भी आधिकारिक तौर पर साझा किया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही आम जनता और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है और स्थानीय प्रशासन से लेकर जूस विक्रेताओं तक के खिलाफ सख्त जांच की मांग तेज हो गई है। कानूनी और आधिकारिक स्तर पर अब इस प्रतिष्ठान के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। गुजरात का यह मामला देश भर के खाद्य सुरक्षा विभागों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि सीजन के दौरान जूस और खाद्य पदार्थों की दुकानों पर औचक निरीक्षण और कड़े गुणवत्ता नियंत्रण कितने अनिवार्य हैं, ताकि चंद पैसों के लालच में मासूम नागरिकों की जान जोखिम में न डाली जा सके।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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