महिला समर्थकों ने CM हिमंत को घेरा ; जोरदार स्वागत के बिच वायरल हो रहा ये पल, देखें वीडियो
असम के लखीमपुर में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को महिला समर्थकों ने घेर लिया, गले लगाया और चूमा। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। मुख्यमंत्री ने इसे “प्यार और स्नेह” का प्रतीक बताया, जो चुनावी माहौल और महिला मतदाताओं के बढ़ते समर्थन को दर्शाता है।

असम सीएम हिमंत बिस्वा
असम की राजनीति में हाल ही में एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने न केवल सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, बल्कि चुनावी माहौल की तीव्रता को भी उजागर कर दिया। राज्य के लखीमपुर जिले में आयोजित एक जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को महिलाओं की बड़ी संख्या ने घेर लिया, जहां उनके प्रति उत्साह और स्नेह का असाधारण प्रदर्शन देखने को मिला।
घटना उस समय की है जब मुख्यमंत्री लोगों से सीधे संवाद कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कई महिला समर्थक आगे बढ़ीं और उन्होंने मुख्यमंत्री को गले लगाया। कुछ ने भावनात्मक आवेग में उन्हें चूमा भी, जिससे माहौल और अधिक उग्र हो गया। यह पूरा दृश्य वहां मौजूद लोगों द्वारा रिकॉर्ड कर लिया गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने खुद इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि भीड़ के बीच इस तरह के उत्साहपूर्ण व्यवहार के दौरान उन्हें हल्की खरोंचें भी आईं। हालांकि, उन्होंने इन चोटों को “प्यार और स्नेह के निशान” बताते हुए इसे जनता के समर्थन का प्रतीक माना। उनका यह बयान इस पूरे घटनाक्रम को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है, जहां इसे सुरक्षा या अनुशासन की समस्या के बजाय जनसमर्थन के रूप में देखा गया।
राजनीतिक दृष्टि से इस घटना का महत्व भी कम नहीं है। असम में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र यह स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री को विशेष रूप से महिला मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने इस समर्थन को और मजबूत किया है, जिससे एक भावनात्मक जुड़ाव भी स्थापित हुआ है।
हालांकि, इस तरह की घटनाएं सुरक्षा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, और इस प्रकार की अनियंत्रित भीड़ भविष्य में चुनौती बन सकती है।
अंततः, लखीमपुर की यह घटना केवल एक वायरल वीडियो भर नहीं है, बल्कि यह चुनावी माहौल, जनसमर्थन और राजनीतिक जुड़ाव की गहराई को भी दर्शाती है। यह स्पष्ट करता है कि जमीनी स्तर पर नेताओं और जनता के बीच संबंध किस प्रकार भावनात्मक रूप ले सकते हैं, जो आने वाले चुनावी परिणामों पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
