बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक वैवाहिक समारोह उस समय अफरा-तफरी और सन्नाटे में तब्दील हो गया, जब उत्सव के चरमोत्कर्ष पर बिजली विभाग की टीम ने अचानक धावा बोल दिया। जिस वक्त घर के आंगन में शहनाइयां गूंज रही थीं, रिश्तेदार ढोल की थाप पर थिरक रहे थे और दूल्हा घोड़ी चढ़कर अपनी नई यात्रा शुरू करने की तैयारी में था, ठीक उसी वक्त विभाग ने बकाया बिल का हवाला देते हुए घर की बिजली काट दी। पल भर में शादी की रंगीन रोशनियां अंधेरे में गुम हो गईं और उत्सव का माहौल शर्मिंदगी व गुस्से में बदल गया।

यह घटना स्थानीय क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारात प्रस्थान की तैयारी पूरी हो चुकी थी और मेहमान जश्न में डूबे थे। इसी बीच विद्युत निगम के कर्मचारी वहां पहुंचे और बिना किसी पूर्व चेतावनी या मानवीय संवेदना के सीधे खंभे से कनेक्शन काट दिया। परिजनों ने बिजली अधिकारियों से मिन्नतें कीं, शादी का वास्ता दिया और कुछ समय की मोहलत मांगी, लेकिन विभाग के सख्त रुख के आगे उनकी एक न चली। देखते ही देखते पूरा घर और समारोह स्थल अंधेरे की आगोश में समा गया, जिससे न केवल दूल्हे के परिवार को मेहमानों के सामने असहज होना पड़ा, बल्कि शादी की रस्मों में भी भारी बाधा उत्पन्न हुई।

विद्युत विभाग की इस कार्रवाई ने सरकारी कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, विभागीय सूत्रों का तर्क है कि यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित बिजली बिलों की वसूली के अभियान का हिस्सा थी। नियमानुसार, बकाया राशि जमा न होने पर कनेक्शन काटना एक कानूनी प्रक्रिया है, परंतु जिस समय और परिस्थिति में इसे अंजाम दिया गया, उसने विभाग की छवि को 'क्रूर' और 'असंवेदनशील' बना दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विभाग को ऐसे महत्वपूर्ण पारिवारिक अवसरों पर कम से कम कुछ घंटों की रियायत देनी चाहिए थी।

इस घटना ने एक बार फिर नियम-कानून और मानवीय संवेदनाओं के बीच के द्वंद्व को सतह पर ला दिया है। एक तरफ जहां विभाग अपने राजस्व की वसूली को प्राथमिकता दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक परिवार के जीवन के सबसे यादगार दिन पर इस तरह की कार्रवाई ने समाज में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण के बाद क्षेत्र में बिजली विभाग के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है और यह घटना बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि बकाया बिल कभी भी खुशियों में खलल डाल सकता है।

Updated On
Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story