Modi-Trump ट्रेड डील पर कांग्रेस का AI तंज; व्यंग्य वीडियो से सियासी बहस तेज
कांग्रेस ने मोदी–ट्रंप प्रस्तावित ट्रेड डील पर एक AI-जनित व्यंग्य वीडियो साझा किया है, जिसमें टैरिफ, अमेरिकी खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ को लेकर तंज कसा गया है। वीडियो को डीपफेक बताया गया, जिस पर सियासी बहस तेज हो गई है और भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल उठे हैं।

AI generated Video : अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को एक AI-जनित व्यंग्यात्मक वीडियो साझा किया, जिसने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कथित ट्रेड डील को व्यंग्यात्मक अंदाज़ में पेश किया गया है, जिसे कांग्रेस ने साफ तौर पर “डीपफेक” के रूप में चिह्नित किया है।
AI वीडियो में क्या दिखाया गया :
कांग्रेस द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में यह दर्शाया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी कथित तौर पर अमेरिकी दबाव में भारत के निर्यात पर 18% टैरिफ मानने, 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पाद खरीदने और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों को हाशिये पर डालने के लिए सहमत हो रहे हैं। वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि ट्रंप कथित तौर पर एपस्टीन फाइलों का हवाला देकर दबाव बनाते हैं।
ट्रंप के ऐलान के बाद बढ़ा विवाद :
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब 2 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका–भारत के बीच एक “ट्रेड ब्रेकथ्रू” का दावा किया था। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने इस दावे पर सतर्क रुख अपनाते हुए कहा है कि समझौते के विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, किसी भी औपचारिक व्यापार समझौते की घोषणा मार्च तक होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तीखी बहस :
- AI वीडियो को लेकर सियासी प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं।
- आलोचकों ने इसे कांग्रेस की “सस्ती और भ्रामक राजनीतिक रणनीति” बताया है।
- वहीं, समर्थकों ने इसे सत्ता के दावों पर तेज राजनीतिक व्यंग्य करार दिया है।
कांग्रेस की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि वीडियो को जानबूझकर डीपफेक के रूप में टैग किया गया था, ताकि इसे वास्तविक दृश्य न समझा जाए।
Trade Deal: The Inside Story pic.twitter.com/mnOVz63y9J
— Congress (@INCIndia) February 5, 2026
एपस्टीन दस्तावेज़ों का संदर्भ :
हाल ही में सार्वजनिक हुए एपस्टीन से जुड़े कुछ दस्तावेज़ों में प्रधानमंत्री मोदी का नाम सामने आने के उल्लेख ने भी विवाद को हवा दी है। हालांकि, भारत सरकार ने इन संदर्भों को निराधार और भ्रामक बताते हुए सिरे से खारिज किया है।
डिजिटल राजनीति का नया अध्याय :
यह मामला न सिर्फ भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों पर राजनीतिक खींचतान को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि AI और डीपफेक तकनीक किस तरह राजनीतिक विमर्श का नया हथियार बनती जा रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद डिजिटल राजनीति, नैतिकता और चुनावी रणनीतियों पर बड़ी बहस को जन्म दे सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
