बेंगलुरु में 4 साल की बच्ची पर आवारा कुत्तों का हमला ; CCTV में कैद हुआ खौफनाक पल
बेंगलुरु के सहकार नगर में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना में 4 वर्षीय बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव किया और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

गली में घूमते हुए आवारा कुत्तों का एक झुंड
बेंगलुरु के उत्तर क्षेत्र स्थित सहकार नगर के सीक्यूएएल लेआउट में रविवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब आवारा कुत्तों के एक झुंड ने खेल रही चार वर्षीय बच्ची पर अचानक हमला कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है, जबकि स्थानीय लोग लंबे समय से इस समस्या को लेकर चेतावनी देते आ रहे थे।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, रविवार शाम आवासीय इलाके में बच्ची बाहर मौजूद थी, तभी लगभग छह आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। बताया जाता है कि यह हमला बिना किसी स्पष्ट उकसावे के अचानक हुआ, जिससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कुत्तों को बच्ची पर टूटते हुए देखा जा सकता है।
Heartbreaking!
— Ankur Singh (@AnkurSingh) June 15, 2026
A 4-year-old girl attacked by stray dogs in Bengaluru. Dogs bit and dragged the small girl.
The child suffered multiple injuries to her leg, face, and hand.
But if anyone gets angry seeing it, they will be labelled as blood thirsty animal haters.
Stray Dog… pic.twitter.com/QnwC2MXbaO
हमले के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर कुत्तों को भगाया और बच्ची को बचाया। परिजनों और पड़ोसियों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे एंटी-रेबीज टीके और घावों के उपचार के लिए भर्ती किया गया। शुरुआती अवस्था में उसकी हालत गंभीर बताई गई थी, हालांकि बाद में इलाज के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों का यह झुंड लंबे समय से आक्रामक व्यवहार कर रहा था, और इस संबंध में पहले भी संबंधित नगर निकाय को सूचित किया गया था। लोगों के अनुसार, कई बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी, जिससे यह गंभीर घटना घटित हुई। घटना के बाद बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कॉरपोरेशन की टीम ने कार्रवाई करते हुए संबंधित क्षेत्र से कुत्तों को पकड़कर शेल्टर में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों की इस कार्रवाई के बाद भी स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में पंजाब में भी एक आठ वर्षीय बच्चे की कुत्तों के हमले में मृत्यु की घटना सामने आई थी, जिसने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने और बेहतर नसबंदी एवं नियंत्रण उपायों के निर्देशों पर भी चर्चा तेज हो गई है।
बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में यह घटना न केवल स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और आवारा पशु प्रबंधन की चुनौती को भी उजागर करती है। यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर संकेत करता है कि शहरी विकास के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा और पशु नियंत्रण नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
