बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा स्थित एक सरकारी उप-विभागीय अस्पताल से सामने आई घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वायरल वीडियो के जरिए खुलासा हुआ कि अस्पताल में एक सुरक्षा गार्ड को घायलों के घावों की सिलाई करते देखा गया, जो सामान्यतः प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ द्वारा किया जाने वाला कार्य है।

घटना उस समय की है जब एक भीषण सड़क दुर्घटना के बाद कई घायल मरीजों को अस्पताल लाया गया। जानकारी के अनुसार, एक टेम्पो और पिकअप वैन के बीच आमने-सामने टक्कर हुई थी, जिसमें टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप वाहन सड़क पर पलट गया। इस हादसे में पिकअप चालक समेत कई लोग घायल हो गए, जबकि टेम्पो चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल बगहा के उप-विभागीय अस्पताल पहुंचाया गया।

इसी आपात स्थिति के दौरान अस्पताल के अंदर वह दृश्य सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। घायल पिकअप चालक वसीम अख्तर और एक अन्य पीड़ित सुरेंद्र पासी ने दावा किया कि उनके घावों की सिलाई एक सुरक्षा गार्ड द्वारा की गई। उनका कहना था कि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद थे, लेकिन स्टाफ की भारी कमी के कारण यह जिम्मेदारी एक अप्रशिक्षित व्यक्ति को निभानी पड़ी। घायलों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इस तरह का इलाज उनकी जान के लिए खतरा बन सकता था।

अस्पताल प्रशासन ने भी इस स्थिति को स्वीकार किया है। उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि अस्पताल लंबे समय से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर सहायकों और ड्रेसर के कई पद लंबे समय से खाली हैं, जिसके चलते सीमित संसाधनों के साथ काम करना पड़ रहा है। आपातकालीन परिस्थितियों में कभी-कभी ऐसे असामान्य कदम उठाने की नौबत आ जाती है।

हालांकि यह स्पष्ट किया गया कि यह कोई पूर्ण सर्जरी नहीं थी, बल्कि घावों की सिलाई जैसी प्रक्रिया थी, फिर भी यह एक चिकित्सा कार्य है जिसे केवल प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा ही किया जाना चाहिए। इस घटना ने न केवल मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में मौजूद खामियों को भी उजागर किया है।

बगहा अस्पताल की यह घटना केवल एक अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक संकट की ओर इशारा करती है जहां संसाधनों की कमी और बढ़ते दबाव के बीच स्वास्थ्य सेवाएं समझौता करने को मजबूर हो जाती हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज की जान इस तरह के जोखिम में न पड़े।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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