जोशीमठ के पास घंटों जाम में फंसे हजारों श्रद्धालु ; भूस्खलन-प्रवण क्षेत्र और भारी भीड़ ने बढ़ाई मुसीबत
उत्तराखंड के जोशीमठ के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चारधाम यात्रा के दौरान भीषण ट्रैफिक जाम लगने से हजारों श्रद्धालु घंटों तक फंसे रहे। भारी तीर्थयात्री दबाव, संकरी पहाड़ी सड़कें, मौसम संबंधी बाधाएं और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्र इस संकट का कारण बने। घटना ने बद्रीनाथ मार्ग की अवसंरचनात्मक चुनौतियों को फिर उजागर कर दिया।

चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण ट्रैफिक जाम
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के बीच बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-7) पर जोशीमठ के निकट अचानक उत्पन्न हुए भीषण ट्रैफिक जाम ने हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा को मुश्किलों में डाल दिया। बद्रीनाथ धाम की ओर बढ़ रहे वाहनों की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक फैल गईं, जिससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को घंटों तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा। पहाड़ी मार्ग पर वाहनों की रेंगती हुई रफ्तार ने यात्रा को बेहद कठिन बना दिया और कई यात्रियों को निर्धारित समय से काफी देर तक रास्ते में फंसे रहना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस भारी जाम के पीछे कई कारण एक साथ जिम्मेदार रहे। चारधाम यात्रा के चरम सीजन में तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या, संकरे पहाड़ी रास्ते, मौसम संबंधी बाधाएं और जोशीमठ के आसपास के संवेदनशील एवं जोखिमपूर्ण सड़क खंडों ने मिलकर यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया। बद्रीनाथ मार्ग चारधाम यात्रा के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक माना जाता है और इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में हुई वृद्धि ने सड़क पर अतिरिक्त दबाव पैदा कर दिया है।
The obsession with breaking records has successfully turned the fragile Himalayas into the world's longest PARKING LOT. Joshimath is currently choking under a massive 25-30 KM long traffic jam. From Vishnuprayag to 15 km beyond, tourists are stuck in their cars for hours. pic.twitter.com/eOMWH7cHgm
— Himalayan Hindu (@himalayanhindu) May 30, 2026
विशेषज्ञों और प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा पहले भी पिपलकोटी-हेलंग-जोशीमठ मार्ग को भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र बताया जा चुका है। इस क्षेत्र में मामूली चट्टान गिरने, सड़क पर मलबा जमा होने, मरम्मत कार्य चलने या एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू होने जैसी परिस्थितियां भी लंबी वाहन कतारों का कारण बन जाती हैं। यही वजह है कि छोटे व्यवधान भी कुछ ही समय में बड़े ट्रैफिक संकट का रूप ले लेते हैं।
जाम के दौरान सड़क पर कारों, बसों, टैक्सियों और अन्य पर्यटक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। बद्रीनाथ की ओर जा रहे श्रद्धालुओं को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। हालात को नियंत्रित करने के लिए यातायात प्रबंधन दल, पुलिसकर्मी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात किए गए। कई स्थानों पर वाहनों को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया गया ताकि जाम को धीरे-धीरे कम किया जा सके और यातायात सामान्य स्थिति में लौट सके।
दरअसल, बद्रीनाथ हाईवे हिमालयी क्षेत्र के उस हिस्से से होकर गुजरता है जहां भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क अस्थिरता की घटनाएं आम हैं। जोशीमठ और उसके आसपास का इलाका भूगर्भीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों में भी चेतावनी दी गई है कि इस मार्ग के कई हिस्से उच्च या अत्यधिक उच्च भूस्खलन जोखिम वाले क्षेत्रों में आते हैं। क्षेत्र में टेक्टोनिक गतिविधियां, तीव्र वर्षा और चल रहे निर्माण कार्य इस जोखिम को और बढ़ा देते हैं।
चारधाम यात्रा के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़, प्री-मानसून या मानसूनी बारिश, सड़क चौड़ीकरण एवं रखरखाव कार्य तथा अचानक होने वाले भूस्खलन या मलबा गिरने की घटनाएं अक्सर यातायात व्यवस्था को प्रभावित करती हैं। ऐसे में किसी भी छोटे व्यवधान का असर हजारों यात्रियों पर पड़ता है।
स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस, जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग रखरखाव से जुड़ी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और मार्ग पर उत्पन्न बाधाओं को दूर करने का प्रयास कर रही हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बद्रीनाथ की यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और यातायात की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें।
जोशीमठ के पास उत्पन्न यह ट्रैफिक संकट केवल एक अस्थायी जाम नहीं, बल्कि चारधाम मार्ग पर बढ़ते बुनियादी ढांचे के दबाव और हिमालयी क्षेत्रों की संवेदनशीलता की ओर भी संकेत करता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले इस महत्वपूर्ण धार्मिक मार्ग पर बेहतर यातायात प्रबंधन, मजबूत सड़क अवसंरचना और आपदा जोखिम कम करने के उपायों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। हालिया घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बद्रीनाथ मार्ग पर यात्रा सुविधाओं और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाना समय की बड़ी जरूरत है, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था का यह सफर सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
