7 जून को X पर “Acyuta” ने कथित TF-2990 नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया, जिसमें सादिक अली नामक पाकिस्तानी-कनाडाई व्यक्ति पर भारत-विरोधी दुष्प्रचार फैलाने और फर्जी अकाउंट्स के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर समन्वित गतिविधियां चलाने के आरोप लगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर 7 जून को एक भारतीय सोशल मीडिया एक्टिविस्ट “Acyuta” द्वारा किए गए दावों ने डिजिटल जगत में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। अपने विस्तृत पोस्ट्स में Acyuta ने कथित रूप से एक संगठित ऑनलाइन नेटवर्क “TF-2990” का खुलासा करने का दावा किया है, जिसके बारे में कहा गया कि यह भारत-विरोधी कंटेंट और दुष्प्रचार फैलाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था।

दावों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का संचालन कथित तौर पर “सादिक अली” नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जिसे पाकिस्तानी-कनाडाई बताया गया है और जो टोरंटो में निवास करता है। आरोप है कि सादिक अली दर्जनों फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स का संचालन करता है, जिनका उद्देश्य खुद को अलग-अलग राष्ट्रीयताओं जैसे श्वेत (white), नाइजीरियन और चीनी उपयोगकर्ताओं के रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि X, TikTok और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भारत और हिंदुओं के खिलाफ मीम्स, भ्रामक जानकारी और नकारात्मक कंटेंट फैलाया जा सके।



Acyuta द्वारा साझा किए गए पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया एल्गोरिद्म का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर प्रभाव बनाने की कोशिश करता है और इसका मुख्य उद्देश्य भारत-विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देना है। पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि इस नेटवर्क के संचालन को कथित रूप से पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DGISPR) से जोड़ा जा रहा है, विशेषकर भारत के “ऑपरेशन सिंदूर 2025” के बाद, हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।



7 जून की पोस्ट्स में Acyuta ने यह भी बताया कि उसने इस नेटवर्क में घुसपैठ करने के लिए एक फर्जी प्रोफ़ाइल का उपयोग किया और कथित Telegram समूह “TF-2990” में प्रवेश करने में सफल रहा। इन समूहों से जुड़े स्क्रीनशॉट्स के आधार पर दावा किया गया कि वहां कई अकाउंट्स एक-दूसरे को फॉलो करने और समन्वित तरीके से कंटेंट फैलाने के निर्देश दे रहे थे, जिससे एक संगठित डिजिटल नेटवर्क के संचालन का संकेत मिलता है।



इसके अलावा, Acyuta ने यह भी आरोप लगाया कि सादिक अली नामक व्यक्ति ने Telegram पर अपने नेटवर्क के सदस्यों को निर्देश दिए कि वे भारत-विरोधी सामग्री को बढ़ावा दें और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यवस्थित तरीके से प्रचार करें।

8 जून को सामने आए फॉलो-अप पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया कि सादिक अली ने कुछ Telegram चैनलों को हटाना शुरू कर दिया और कथित रूप से एक “इम्पोस्टर” की तलाश शुरू कर दी। साथ ही, उसने समूह सदस्यों को पहचान सत्यापन (ID verification) कराने के निर्देश दिए और कथित रूप से Acyuta के खिलाफ सामूहिक रिपोर्टिंग (mass reporting) का आह्वान किया। इन पोस्ट्स में यह भी उल्लेख किया गया कि सादिक अली ने X के एक वरिष्ठ अधिकारी निकिता बीर का संदर्भ देते हुए प्लेटफॉर्म से जुड़े सवाल उठाए।

Acyuta ने अपनी श्रृंखला में यह भी दावा किया कि उसने ऐसे कई अकाउंट्स की पहचान की है जो एक-दूसरे को फॉलो करने और समन्वित रूप से भारत-विरोधी कंटेंट को बढ़ावा देने में लगे हुए थे, जिससे यह संदेह और गहरा होता है कि यह एक संगठित ऑनलाइन नेटवर्क हो सकता है।

इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कई भारतीय उपयोगकर्ताओं ने इस कथित खुलासे का स्वागत करते हुए इसे भारत-विरोधी डिजिटल गतिविधियों का पर्दाफाश बताया और सरकार से कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, दूसरी ओर कुछ डिजिटल मीडिया रिपोर्ट्स, जिनमें OpIndia का उल्लेख भी किया जा रहा है, यह स्पष्ट करती हैं कि DGISPR से जुड़े दावों या इस नेटवर्क की आधिकारिक पुष्टि अभी तक किसी भी सरकारी या स्वतंत्र एजेंसी द्वारा नहीं की गई है।

फिलहाल यह पूरा मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बहस का केंद्र बना हुआ है, जहां एक तरफ इसे संगठित सूचना युद्ध का हिस्सा माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसकी सत्यता और प्रमाणिकता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना डिजिटल युग में फैली सूचनाओं, दावों और वास्तविकता के बीच बढ़ती जटिलता को एक बार फिर उजागर करती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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