कल्याण की सड़कों पर एक बार फिर रफ्तार ने जान ले ली। मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय व्यवसायी श्रीनिवास टांडेले की उस समय मौत हो गई, जब वे साइकिल से गुजर रहे थे और एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। आरोप है कि कार एक 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था। यह घटना न केवल एक परिवार को शोक में डुबो गई, बल्कि शहर में सड़क सुरक्षा और नाबालिग ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर गई है।


घटना कैसे हुई?

यह हादसा 24 मार्च 2026 की रात करीब 8 बजे कल्याण रिंग रोड के एक अधूरे और असुरक्षित हिस्से पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की गति इतनी तेज थी कि टक्कर लगते ही साइकिल सवार हवा में उछल गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जिससे घटना ने और गंभीर रूप ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान की और अगले ही दिन उसे हिरासत में ले लिया। इस मामले में लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।



क्यों खतरनाक बन चुका है यह रिंग रोड?

कल्याण रिंग रोड का यह हिस्सा लंबे समय से अधूरा और अव्यवस्थित पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं, जिससे वाहन चालक खुलेआम तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाते हैं। यह इलाका युवाओं के लिए स्टंट और रेसिंग का अड्डा बन चुका है। हाल के महीनों में इस क्षेत्र में कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सड़क की खराब स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही मिलकर इसे दुर्घटनाओं का केंद्र बना रही हैं।


कानूनी कार्रवाई और जांच:

पुलिस ने नाबालिग चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और उसके माता-पिता की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या उन्होंने नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति दी थी या नहीं। ऐसे मामलों में अभिभावकों की जिम्मेदारी भी कानून के दायरे में आती है।


जनता की मांग और आगे की राह:

इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और साइकिलिंग समूहों में भारी आक्रोश है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:

सड़क पर फिर से मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था

यातायात नियमों का सख्ती से पालन और निगरानी

रिंग रोड के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए

कल्याण रिंग रोड पर हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे और कानून व्यवस्था की खामियों का गंभीर संकेत है। जब तक अधूरी सड़कों पर नियंत्रण और नाबालिग ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाने की आशंका बनी रहेगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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