बेंगलुरु: कर्नाटक के प्रशासनिक और पुलिस हलकों में एक नए विवाद ने हड़कंप मचा दिया है। राज्य में एक ताज़ा और बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें डीजीपी (DGP) स्तर के एक वरिष्ठ IPS अधिकारी पर अपने ही कार्यालय के भीतर महिलाओं के साथ 'अनुचित व्यवहार' करने का आरोप लगा है। यह वीडियो सार्वजनिक डोमेन में आने के बाद से ही राज्य में खलबली मची हुई है।

अक्सर राजनीतिक गलियारों में इस तरह के स्कैंडल सुनाई देते हैं, लेकिन इस बार मामला खाकी वर्दी की सबसे ऊंची रैंक से जुड़ा है, जिसने पुलिस विभाग की अनुशासन और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कौन हैं विवादों में घिरे अधिकारी?

वायरल हो रहे इस वीडियो में कथित तौर पर डॉ. रामचंद्र राव नज़र आ रहे हैं, जो एक वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (Civil Rights Enforcement Directorate) में पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर तैनात हैं।

क्या है वीडियो में?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह फुटेज डीजीपी के कार्यालय के भीतर गुप्त रूप से रिकॉर्ड किया गया है।

  • ड्यूटी के दौरान अनुचित आचरण: वीडियो में कथित तौर पर डॉ. राव को आधिकारिक कामकाजी घंटों के दौरान महिलाओं के साथ बेहद करीब से बातचीत करते हुए देखा गया है।
  • वर्दी की मर्यादा पर सवाल: सूत्रों का कहना है कि वीडियो में अधिकारी अपनी पुलिस यूनिफॉर्म में हैं और आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए महिलाओं को गले लगाते और चूमते हुए दिखाई दे रहे हैं।
  • अलग-अलग घटनाएं: वीडियो में यह भी संकेत मिलता है कि महिलाएं अलग-अलग मौकों पर कार्यालय आई थीं, क्योंकि उनके परिधान हर बार अलग थे।

हालांकि, अभी तक किसी भी महिला द्वारा जबरदस्ती किए जाने का कोई आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सरकारी दफ्तर में, वर्दी पहनकर इस तरह का आचरण करना लोक सेवा के नैतिक मानकों और गरिमा का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री तक पहुंची आंच, कार्रवाई के आसार

इस घटना ने पुलिस बल की विश्वसनीयता और नैतिक अधिकार को गहरा धक्का पहुंचाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह प्रकरण अब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के संज्ञान में भी आ गया है।

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो के सामने आने से मुख्यमंत्री बेहद नाराज हैं।
  • राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में अब इस बात पर चर्चा तेज है कि राज्य सरकार इस अधिकारी के खिलाफ क्या कदम उठाएगी।
  • अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

अधिकारी की सफाई

दूसरी ओर, विवादों में घिरे डॉ. रामचंद्र राव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने मीडिया में चल रहे फुटेज को फर्जी (not genuine) बताते हुए कहा है कि उन्होंने किसी भी तरह का कोई अनुचित व्यवहार नहीं किया है।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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