Dhruv Rathee copyright strike DS Education news : इंटरनेट की दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और बौद्धिक संपदा के अधिकारों के बीच एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। 'डीएस एजुकेशन' (DS Education) नामक यूट्यूब चैनल चलाने वाले मात्र 12 वर्षीय छात्र तिवारी ने मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी पर अपनी आलोचना को दबाने के लिए 'कॉपीराइट स्ट्राइक' (Copyright Strike) का सहारा लेने का संगीन आरोप लगाया है। यह मामला केवल दो कंटेंट क्रिएटर्स के बीच का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि इसने डिजिटल स्पेस में निष्पक्ष आलोचना और 'फेयर यूज़' (Fair Use) के नियमों पर एक नई राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सनसनी फैला दी है, जहाँ एक ओर मासूमियत बनाम अनुभव की बात हो रही है, तो दूसरी ओर तथ्यों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विवाद की जड़ें मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में जमी थीं, जब तिवारी ने ध्रुव राठी द्वारा भगवान श्री राम के संदर्भ में किए गए कुछ दावों को चुनौती दी थी। तिवारी ने वाल्मीकि रामायण के श्लोकों का हवाला देते हुए राठी के वीडियो के कुछ हिस्सों का उपयोग किया और उनके तथ्यों को गलत ठहराने का प्रयास किया। अप्रैल की शुरुआत होते ही इस किशोर यूट्यूबर के दो वीडियो पर कॉपीराइट स्ट्राइक आ गई। तिवारी का आरोप है कि ये स्ट्राइक सीधे तौर पर ध्रुव राठी की ओर से भेजी गई हैं ताकि उनकी आलोचना करने वाले वीडियो को हटाया जा सके। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में तिवारी ने राठी पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति स्वयं को अभिव्यक्ति की आजादी का पैरोकार बताता है, वही एक बच्चे की आवाज दबाने के लिए चैनल सस्पेंशन की धमकी दे रहा है।

कानूनी और तकनीकी दृष्टि से यह मामला यूट्यूब की 'फेयर यूज़' पॉलिसी के इर्द-गिर्द घूमता है। ध्रुव राठी के समर्थकों का तर्क है कि तिवारी ने राठी के मूल कंटेंट का अनाधिकृत उपयोग किया है, जो बौद्धिक संपदा का उल्लंघन है। दूसरी ओर, तिवारी और उनके समर्थक इसे 'क्रिटिसिज्म और फैक्ट-चेकिंग' (Criticism and Fact-checking) के तहत वैध मानते हैं। तिवारी ने यह भी दावा किया है कि इस विवाद के बाद राठी के समर्थकों द्वारा उन्हें और उनके परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। 14 अप्रैल 2026 तक इस पूरे मामले पर ध्रुव राठी की ओर से कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे रहस्य और तनाव और अधिक गहरा गया है।

यह घटनाक्रम डिजिटल युग में सूचनाओं के प्रवाह और उन पर नियंत्रण की शक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। यदि एक 12 साल का बच्चा साक्ष्यों के साथ किसी बड़े प्रभावशाली व्यक्तित्व को चुनौती देता है, तो उसे दबाने के लिए प्लेटफॉर्म के नियमों का उपयोग करना कितना उचित है, यह चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 'डीएस एजुकेशन' और ध्रुव राठी के बीच का यह विवाद केवल एक चैनल के सस्पेंशन का खतरा नहीं है, बल्कि यह भविष्य के उन करोड़ों युवा कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक नजीर साबित होगा जो इंटरनेट पर अपनी स्वतंत्र राय व्यक्त करना चाहते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यूट्यूब का एल्गोरिदम और कानूनी नीतियां इस सूक्ष्म लेकिन प्रभावशाली विवाद को किस दिशा में ले जाती हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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