देहरादून, 08 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड में संस्कृत के प्रचार-प्रसार को व्यापक बनाने और आदर्श संस्कृत ग्रामों को पर्यटन एवं तीर्थस्थलों से जोड़ने की दिशा में पहल की जा रही है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम् के शासी निकाय की तीसरी बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में संस्थान की गतिविधियों, वार्षिक कार्ययोजना, बजट और संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने संस्थानम् की गतिविधियों और संस्कृत स्पर्धाओं में प्रतिभागियों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने आदर्श संस्कृत ग्रामों को प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थस्थलों के साथ-साथ विभिन्न पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को हमारी संस्कृत संस्कृति का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।

संस्कृत को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए मुख्य सचिव ने आधुनिक तकनीकी साधनों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थानम् की वेबसाइट पर इंटरैक्टिव ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित करने, छोटी-छोटी सूचनात्मक रील्स तैयार करने तथा मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने संस्कृत की उपयोगिता को समझाने और इसके अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए मंत्र चिकित्सा, वैदिक गणित, वेद अध्ययन केन्द्र तथा विभिन्न संगोष्ठियों जैसी गतिविधियों का विस्तार करने के निर्देश भी दिए। इन माध्यमों से संस्कृत के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने और इसके प्रचार-प्रसार को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने संस्कृत सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आदर्श संस्कृत ग्राम का सरल मॉडल और शिक्षक कौशल विकास मॉडल तैयार करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन समर कैंप को नियमित प्रोडक्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इसके तहत स्कूली बच्चों के भ्रमण कार्यक्रम और कैंप आयोजित किए जा सकते हैं। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में संस्कृत का प्रसार बढ़ाने के साथ उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम् की गतिविधियों को भी अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।

बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा श्री दीपक कुमार, अपर सचिव श्री नवनीत पांडेय सहित शासी निकाय के सदस्य और संस्थानम् के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में हुई चर्चा और दिए गए निर्देशों के तहत आदर्श संस्कृत ग्रामों को पर्यटन से जोड़ने, आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत को लोकप्रिय बनाने तथा बच्चों और शिक्षकों के लिए नए कार्यक्रम विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story