उत्तराखंड में 9 अक्टूबर, 2026 को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों, जनधन, पशुधन, आवासीय भवनों और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान के बाद सरकार ने प्रभावितों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने प्रदेश के प्रभावित जनपदों में क्षति का आकलन कर पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री श्री मदन कौशिक ने इस संबंध में सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन को पत्र जारी कर क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कराने और प्रभावितों तक राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

श्री कौशिक ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। भारी बारिश और ओलावृष्टि से जिन किसानों, परिवारों तथा अन्य लोगों को नुकसान हुआ है, उनकी समस्याओं के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराकर पात्र लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप मुआवजा और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान के साथ जनधन, पशुधन, आवासीय भवनों और अन्य परिसंपत्तियों की क्षति का भी समुचित आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से तत्काल स्थलीय सर्वेक्षण कराया जाएगा, ताकि वास्तविक नुकसान का विवरण जुटाकर प्रभावितों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके।

मंत्री श्री मदन कौशिक के पत्र के क्रम में सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री दिनेश कुमार पुनेठा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसमें जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में 9 अक्टूबर को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को पहुंची व्यापक क्षति के साथ जनधन तथा अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का संबंधित विभागों के माध्यम से आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मंत्री श्री मदन कौशिक के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का विस्तृत विवरण संकलित करने को कहा गया है। सर्वेक्षण के दौरान कृषि फसलों के नुकसान के साथ जनधन, पशुधन, आवासीय भवनों और अन्य परिसंपत्तियों को हुई क्षति का भी आकलन किया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से सर्वेक्षण कराकर प्रभावित परिवारों और व्यक्तियों को नियमानुसार राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Pratahkal Newsroom

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