राजीव गांधी नवोदय विद्यालय: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे स्कूल, नया लीगल फ्रेमवर्क होगा तैयार
उत्तराखंड के राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के संचालन के लिए शासी निकाय और जिला समितियां बनेंगी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से होगी स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति।

देहरादून सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए।
देहरादून में राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था, आवासीय सुविधाओं और प्रशासनिक संचालन में व्यापक बदलाव की तैयारी की जा रही है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार, 21 अक्टूबर, 2026 को सचिवालय में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इन विद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों के संपूर्ण कायाकल्प के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र और बेहतर आवासीय सुविधाओं से युक्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए योग्य शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों के संचालन में व्यापक सुधार की आवश्यकता है, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।
राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्य सचिव ने इन्हें सोसाइटी के माध्यम से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियों के गठन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करने को कहा, जिससे विद्यालयों के प्रभावी संचालन, उत्तरदायित्व निर्धारित करने और नियमित निगरानी में मदद मिल सके।
विद्यालयों में स्थायी प्रधानाचार्यों और समर्पित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रहा। मुख्य सचिव ने नियमित शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुरूप शिक्षा देने के लिए योग्य और अनुभवी शिक्षकों की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति में निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अर्हताओं के साथ उच्च शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए वैकल्पिक और अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों के कार्मिक ढांचे को भी आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत किया जाए, ताकि शिक्षण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का संचालन सुचारु रूप से हो सके। शिक्षकों के चयन में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट प्रक्रिया अपनाने पर भी जोर दिया गया।
प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के संबंध में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रवेश परीक्षा और दाखिले की पूरी प्रक्रिया नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से कम से कम एक माह पहले पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के प्रवेश समय पर सुनिश्चित किए जाने चाहिए, ताकि नया सत्र शुरू होने से पहले विद्यालयों में प्रवेश संबंधी व्यवस्था पूरी हो सके।
शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने विद्यालयों में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य पाठ्य-सहगामी एवं पाठ्येतर गतिविधियों के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ इन गतिविधियों में भाग लेने के लिए आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके साथ ही सभी जरूरी शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने विद्यालयों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने आपातकालीन चिकित्सा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वाहन सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रस्तावित सुविधाओं, आवश्यक कार्मिकों और विद्यालयों के संचालन से जुड़ी जरूरतों के अनुरूप बजट निर्धारित करने को कहा।
शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर वैकल्पिक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करने के लिए अधिकृत किए जाने को भी कहा। स्थायी भर्ती तक शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने और पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में सचिव शिक्षा सुश्री ज्योति यादव, अपर सचिव श्री नवनीत पाण्डेय और महानिदेशक श्रीमती आकांक्षा कोंडे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के लिए प्रस्तावित बदलावों में शैक्षणिक गुणवत्ता, स्थायी कार्मिक व्यवस्था, बेहतर आवासीय सुविधाएं, स्वास्थ्य सुरक्षा, पारदर्शी भर्ती और जवाबदेह संचालन को प्रमुखता दी गई है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
