पिथौरागढ़ जिला न्यायालय में बनेगी 3 मंजिला पार्किंग, 43 कारें होंगी पार्क
मार्केट रोड पर 959.47 लाख की लागत से बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण होगा, जिससे अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को यातायात जाम से राहत मिलेगी।

तस्वीर में अधिकारी पिथौरागढ़ पार्किंग परियोजना की बैठक में स्क्रीन देखते हुए नजर आ रहे हैं।
पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर आवास विभाग ने परियोजना के पुनरीक्षित आगणन को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। प्रस्तावित पार्किंग में 43 कारें खड़ी की जा सकेंगी। इसके निर्माण से न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को पार्किंग सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इस संबंध में 08 अक्टूबर 2026 को राज्य सचिवालय में आवास विभाग की सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में परियोजना के पुनरीक्षित आगणन की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति, तकनीकी पहलुओं, संशोधित लागत, निर्माण की आवश्यकता और पार्किंग की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें विभागीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी पिथौरागढ़ और कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने भी प्रतिभाग किया।
959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन पर चर्चा
पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, पिथौरागढ़ ने संशोधित विस्तृत आगणन तैयार किया है। तकनीकी स्वीकृति के लिए गठित टीएसी से अनुमोदित 959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में समिति की बैठक में विचार-विमर्श किया गया।
परियोजना के लिए शासन स्तर से पहले ही धनराशि जारी की जा चुकी है। शासनादेश संख्या 199681/2024, दिनांक 16 मार्च 2024 के माध्यम से कुल लागत का 40 प्रतिशत यानी 270.61 लाख रुपये अवमुक्त किए गए थे। इसके बाद निर्माण कार्य की आवश्यकता और परियोजना में किए गए अतिरिक्त प्रावधानों के चलते अतिरिक्त धनराशि की जरूरत सामने आई।
बैठक में पुनरीक्षित आगणन में हुई 282.93 लाख रुपये की वृद्धि के कारणों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि संशोधित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इन मदों को शामिल करने से परियोजना की लागत बढ़ी है।
समिति ने निर्देश दिए कि इन अतिरिक्त मदों के कारण लागत में हुई वृद्धि को लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता लिखित रूप में स्पष्ट करें और विस्तृत जानकारी शासन को उपलब्ध कराएं। इसके आधार पर परियोजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जा सकेगी।
मार्केट वाली रोड पर बनेगी पार्किंग, आम नागरिकों को भी मिलेगा लाभ
प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग का स्थल मार्केट वाली रोड पर है। इसलिए इसका उपयोग केवल जिला न्यायालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ आम नागरिक भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी शहरों में सीमित स्थान और बढ़ते वाहनों के कारण पार्किंग की समस्या चुनौती बनी हुई है। जिला न्यायालय परिसर के आसपास भी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में बहुमंजिला पार्किंग बनने से वाहनों को व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा और सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग से उत्पन्न होने वाली समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
पार्किंग की प्रस्तावित क्षमता 43 कारों की है। तीन मंजिला स्वरूप में निर्माण होने से सीमित भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। वहीं, दो लिफ्ट का प्रावधान पार्किंग के विभिन्न स्तरों तक आवागमन को सुविधाजनक बनाने में सहायक होगा।
पार्किंग संचालन के लिए निर्धारित होगा शुल्क
समिति की बैठक में पार्किंग सुविधा के संचालन से जुड़े विषय पर भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि निर्धारित व्यवस्था के तहत पार्किंग के उपयोग के लिए शुल्क तय किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को पार्किंग शुल्क निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शुल्क निर्धारण का उद्देश्य पार्किंग का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के साथ उसके रखरखाव और संचालन की व्यवस्था को भी सुचारु बनाना है। इसके बाद पार्किंग के नियमित संचालन, वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।
सार्वजनिक सुविधाओं के विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार सरकारी परिसरों के साथ आमजन से सीधे जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास पर ध्यान दे रही है। पार्किंग जैसी सुविधाएं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ शहरों के व्यवस्थित विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जनपद में भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाएं उपयोगी साबित हो सकती हैं। जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसके जरिए न्यायालय आने वाले लोगों और आम नागरिकों के लिए व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग का उद्देश्य न्यायालय आने वाले लोगों के साथ आमजन को भी व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि परियोजना के पुनरीक्षित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है। अतिरिक्त लागत के कारणों को संबंधित कार्यदायी संस्था से स्पष्ट रूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार आगे बढ़ सके।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि पार्किंग की क्षमता 43 कारों की होगी और इसके संचालन के लिए शुल्क निर्धारित करने के निर्देश जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि परियोजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़े और इसका लाभ आमजन को मिले।

Pratahkal Bureau
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