देहरादून में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत, आत्मनिर्भर और टिकाऊ संस्थाओं के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नाबार्ड और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। गुरुवार, 08 अक्टूबर, 2026 को उन्होंने नाबार्ड के शाखा कार्यालय, देहरादून में नाबार्ड से वित्तपोषित किसान उत्पादक संगठनों द्वारा आयोजित सेब महोत्सव 3.0 का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने शीत भंडारण की सुविधाओं के विस्तार, जैविक प्रमाणन को बढ़ावा देने और कृषि एवं बागवानी उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई।

सेब महोत्सव में मुख्य सचिव ने विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों द्वारा उत्पादित सेब की विभिन्न प्रजातियों, कीवी, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों से उत्पादों के संबंध में जानकारी ली तथा उन्हें आ रही समस्याओं पर चर्चा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों का उद्देश्य केवल किसानों को एक साथ जोड़ने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें मजबूत, आत्मनिर्भर और टिकाऊ संस्थाओं के रूप में विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए एफपीओ को निरंतर मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और क्षमता विकास के अवसर उपलब्ध कराने के साथ जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराई जानी चाहिए।

उन्होंने कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए खरीद, विपणन और उत्पादों की ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ावा देते हुए उन्हें उचित बाजार और बेहतर मूल्य दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।

किसानों को उनके उत्पादों का सुरक्षित भंडारण और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने शीत भंडारण की सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया। उन्होंने उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ट्रेसेबिलिटी व्यवस्था विकसित करने तथा जैविक उत्पादों के लिए जैविक प्रमाणन की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत बनाने के लिए नाबार्ड और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। एफपीओ को टिकाऊ बनाने के लिए प्रभावी इकोसिस्टम विकसित किया जाना चाहिए, ताकि योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों को आपस में जोड़कर किसानों तथा किसान उत्पादक संगठनों तक अधिकतम लाभ पहुंचाया जा सके।

उन्होंने इस दिशा में सरकार, नाबार्ड, संबंधित विभागों, किसान उत्पादक संगठनों, किसानों और अन्य हितधारकों को मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई। मुख्य सचिव के अनुसार, सामूहिक प्रयासों से उत्तराखण्ड के कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि की जा सकती है।

सेब महोत्सव 3.0 के शुभारम्भ के अवसर पर सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव और महाप्रबंधक शशि कुमार सहित नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महोत्सव के माध्यम से किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत बनाने, कृषि उत्पादों के विपणन को बेहतर करने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।

Pratahkal Bureau

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