गोरखपुर में एंबुलेंस के लिए सीएम योगी ने रुकवाई विजयादशमी शोभायात्रा, मरीज को मिला रास्ता
गोरखपुर में विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान एंबुलेंस का सायरन सुनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यात्रा रुकवा दी। भारी भीड़ के बीच गंभीर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस के लिए सुरक्षाकर्मियों और श्रद्धालुओं ने कैसे रास्ता खाली कराया?

गोरखपुर में विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान गोरखनाथ मंदिर के पास भीड़ में फंसी एंबुलेंस को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए मुस्तैद सुरक्षाकर्मी और पुलिस बल।
गोरखपुर में विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंबुलेंस का सायरन सुनते ही यात्रा रुकवा दी। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के आगे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गंभीर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस फंसने लगी थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सुरक्षाकर्मियों ने रास्ता खाली कराया, जिसके बाद एंबुलेंस सुरक्षित निकल सकी और शोभायात्रा आगे बढ़ी।
मंगलवार शाम गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा निकाली जा रही थी। मंदिर के मुख्य द्वार के आगे बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान गंभीर मरीज को लेकर पहुंची एंबुलेंस भीड़ के बीच फंसने लगी। एंबुलेंस का सायरन मुख्यमंत्री के वाहन तक पहुंचते ही उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को तत्काल रास्ता बनाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री के संकेत मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए शोभायात्रा की गति रोक दी। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और नागरिकों ने भी स्थिति को समझते हुए सहयोग किया और एंबुलेंस के लिए रास्ता खाली कर दिया। भारी भीड़ और सीमित जगह के बावजूद एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के सुरक्षित निकल गई। इसके बाद ही विजयादशमी शोभायात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ी।
इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इंटरनेट उपयोगकर्ता और आम लोग मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बड़े धार्मिक आयोजन और भारी भीड़ के बीच वीआईपी प्रोटोकॉल से पहले मरीज की जान को प्राथमिकता देना नेतृत्व की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
गोरक्षपीठ से निकली पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए यात्रा रोकने की यह घटना मानवीय जीवन को प्राथमिकता देने का संदेश देती है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के सहयोग से एंबुलेंस के निकलने तक शोभायात्रा रोकी गई और उसके बाद निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ी।

Om Prakash Pal
नाम: ओम प्रकाश पाल
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार
कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)
पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष
परिचय एवं अनुभव
ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।
एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।
विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:
- अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
- शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
- हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।
राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
- साहित्य रत्न
- कृषि विशारद
