वाराणसी के मुख्य सीवर में मिले बालू भरे बोरे, जलकल विभाग की छवि धूमिल करने की साजिश?
वाराणसी के शिवाला वार्ड में मुख्य सीवर से बालू भरे बोरे मिले। पुलिस ने केस दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश शुरू की है।

वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के शिवाला वार्ड में मुख्य सीवर लाइन के भीतर बालू से भरे भारी संख्या में बोरे मिलने से हड़कंप मच गया। अग्रवाल रेडियो के पास सीवर की सफाई के दौरान ये बोरे बरामद हुए, जिन्हें पानी के बहाव को रोकने के लिए सीवर के भीतर ठूंसा गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता की तहरीर पर भेलूपुर पुलिस ने अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला भेलूपुर जोन-2 के शिवाला वार्ड संख्या-75 में कूड़ा घर रत्नाकर पार्क और अग्रवाल रेडियो के पास लंबे समय से सामने आ रही जलभराव की समस्या से जुड़ा है। जलभराव के त्वरित निस्तारण के लिए जलकल विभाग ने मुख्य सीवर लाइन की सफाई शुरू कराई थी। इसी दौरान कर्मचारियों को सीवर के अंदर बड़ी मात्रा में बालू से भरे बोरे मिले। सफाई कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी बोरों को बाहर निकाला और सीवर लाइन में पानी का बहाव सुचारू कराया।
जलकल विभाग (जोन-2) के अधिशासी अभियंता सुधीर वर्मा ने भेलूपुर थाना प्रभारी को दी गई लिखित तहरीर में मुख्य सीवर लाइन के भीतर इतनी बड़ी संख्या में बालू भरे बोरे मिलने को दुर्घटनावश हुई घटना नहीं माना है। पत्रांक 235/II/ जोन-2/ज.क.न.नि.वा. के माध्यम से दी गई तहरीर में उन्होंने आशंका जताई कि शिवाला वार्ड में अज्ञात शरारती तत्वों ने योजनाबद्ध तरीके से सीवर लाइन को चोक किया, ताकि क्षेत्र में भयानक जलभराव की स्थिति पैदा हो और स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़े। तहरीर में यह भी आशंका जताई गई कि इसका उद्देश्य जलकल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर उसकी छवि को जनता की नजरों में धूमिल करना था।
अधिशासी अभियंता की तहरीर पर भेलूपुर पुलिस ने 12 सितंबर 2026 को शाम 19:21 बजे मुकदमा अपराध संख्या 0532/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 326(c) में मामला दर्ज किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घटना स्थल थाने से लगभग 1.5 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है। मामले की विवेचना उप-निरीक्षक योगेंद्र (सं. 234210044) को सौंपी गई है।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। जांच का उद्देश्य सीवर में बालू से भरे बोरे डालने वाले अराजक तत्वों की पहचान करना है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जलकल विभाग ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इसकी प्रतिलिपि नगर आयुक्त (नगर निगम वाराणसी), महाप्रबंधक (जलकल विभाग), सचिव (जलकल विभाग) तथा संबंधित सहायक और अवर अभियंताओं को अग्रिम कार्यवाही और सूचनार्थ भेज दी है। अधिशासी अभियंता ने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी अराजक तत्व सार्वजनिक सेवाओं को बाधित करने और सरकारी तंत्र को बदनाम करने का दुस्साहस न कर सके। अब जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह स्पष्ट होना बाकी है कि मुख्य सीवर लाइन में बालू से भरे बोरे डालने के पीछे कौन लोग थे।

Om Prakash Pal
नाम: ओम प्रकाश पाल
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार
कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)
पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष
परिचय एवं अनुभव
ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।
एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।
विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:
- अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
- शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
- हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।
राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
- साहित्य रत्न
- कृषि विशारद
